WORLD BREASTFEEDING WEEK 2018-जानिए क्या है बच्चे को ब्रेस्टफीड कराने का सही तरीका?

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World Breastfeeding Week
world breastfeeding week 2018- the best way of breastfeeding
World Breastfeeding Week (WBW) चल रहा है. World Breastfeeding Week 1 अगस्त से 7 अगस्त तक मनाया जाता है. इसके जरिए महिलाओं को Breastfeeding कराने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है.




World Breastfeeding Week के महत्व के मद्देनजर नवजात शिशु की मांओं का यह जानना जरुरी है कि Breastfeeding कराने का सही तरीका क्या है? यह हम सभी जानते हैं कि  Breast Milk बच्चे के लिए अनमोल है. इसे Newborns के लिए First vaccine की तरह माना जाता है जो उनके लिए जीवनदायिनी होता है.




बाल रोग विशेषज्ञों के अनुसार मां के दूध से संक्रमण नहीं होता है. स्तनपान बच्चे और मां दोनों के लिए सुविधाजनक होता है और दोनों में भावनात्मक संबंध भी जोड़ता है. मां का दूध संपूर्ण आहार होता है और आसानी से पच भी जाता है.

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मां के दूध में बीमारियों से लड़ने के तत्व होते हैं. स्तनपान से ही बच्चा कुछ ग्रहण करने की समझ विकसित करता है. मां का दूध कभी भी किसी भी परिस्थिति में बच्चे को मिल जाता है.

ब्रेस्टफीड करने वाले बच्चों में Diarrhea, Pneumonia और दूसरे Infectious Diseases होने का खतरा कम रहता है. बच्चे को दूध पिलाने से मां को अभूतपूर्व सुखद अनुभूति होती है. यदि आप भी पहली बार मां बन रही है तो यह जानकारी आपके लिए बहुत उपयोगी है कि बच्चे को Breastfeeding कराने का सही तरीका क्या है?
Super Specialty Max Hospital की Dr. Rekha Gupta बताती हैं कि नवजात के पैदा होने के एक घंटे के अंदर उसे स्तनपान करवाना चाहिए लेकिन कई बार मांएं ब्रेस्टफीड कराने का सही तरीका नहीं समझ पाती और बच्चे के जान पर बन आती है.




1-चेक कीजिए यदि बच्चे से घूंट की आवाज आ रही है तो समझिये Breastfeeding का तरीका सही है.
2-Breastfeeding के समय मां अपनी कमर सीधी रखें, नहीं तो मां को Back Pain हो सकता है.
3. स्तनपान के समय मां अपनी कमर सीधी रखें और स्तनपान के दौरान एक-दो मिनट का विराम लें जिससे नवजात को सांस लेने में समस्या नहीं हो. विराम नहीं लेने की स्थिति में नवजात की जान को खतरा हो सकता है.
4- मां कोशिश करें कि नवजात के मुंह की पकड़ स्तन पर बन सके. मुंह खुला रहने पर उसको गैस बन सकती है. बच्चे को गोदं में ऐसे लें कि नवजात का शरीर और सिर अलग-अलग दिशा में हो और स्तन-नवजात के बीच 45 डिग्री का कोण बने.
 5- अधिक मात्रा में दूध होने पर उसको फ्रिज में रख दे. यह दूध 6 घंटे तक नार्मल कर इस्तेमाल किया जा सकता है.

6-Breast की सफाई का खास ध्यान रखें. स्तनपान के दौरान नवजात के सो जाने पर उसको कान का हिस्सा हिलाकर जगाएं.

7- Breastfeeding के बाद नवजात को कंधे पर रखकर हल्के हाथ से ठोकें ताकि उसको गैस की समस्या न हो. काफी देर तक नवजात का पेट खाली रहने पर उसके पेट में गैस बन जाती है. अचानक स्तनपान कराने पर वह पूरा दूध उल्टी कर देता है.

मां को कैसा आहार लेना चाहिए?

प्रसव के बाद मां का शरीर कमजोर हो जाता है. वह जल्दी थकान महसूस करती है. नवजात को बार-बार दूध पिलाने या उसके जागे रहने के कारण मां को पर्याप्त आराम का समय नहीं मिल पाता है. इसलिए जरुरी है कि इस दौरान नवजात के साथ-साथ मां की सेहत का भी पूरा ख्याल रखा जाए.

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राम मनोहर लोहिया अस्पताल के आयुष चिकित्सक Dr. S K Pande ने बताया कि स्तनपान के लिए मां को पौष्टिक भोजन यानी हैवी प्रोटीन युक्त भोजन करना चाहिए. इसके साथ ही प्रतिदिन एक गिलास दूध पीना चाहिए.

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