किसी को अच्छी तरह जाने बिना रोने के लिए आपको उसका SHOULDER क्यों चाहिए?

473
Shoulder
why you need a shoulder to cry without knowing the person?

संयोगिता कंठ:

यह ठीक है कि इंसान रो लेता है तो उसके मन का बोझ हल्का हो जाता है. लेकिन हर बार रोने के लिए कोई Shoulder क्यों चाहिए? खासकर टीनएज या यंग लड़कियों को जो प्यार की तलाश में उस इंसान पर भरोसा करने लग जाती है या उसके Shoulder पर सहारा ढूंढने लगती हैं जो उसके साथ Sympathy के दो शब्द बोल लेता है.




क्यों लड़कियों को ऐसे Shoulder की तलाश रहती है जिस पर सिर रखकर वो अपने मन को राहत पहुंचाने की तलाश में रहती हैं. वो भी ये जाने बिना कि जिस Shoulder पर वो अपना सहारा ढूंढ रही है वो कहीं मतलबपरस्त, स्वार्थी या ब्लैकमेलर तो नहीं?




Senior Counsellor Dr. Neelam Saxsena बता रही हैं कि पिछले कुछ समय से उनके पास ऐसे कई केस आए हैं जिसमें यंग लड़कियां आसानी से किसी के बहकावे में आकर अपनी जिंदगी खराब कर रही हैं.

SEE THIS: RELATIONSHIP के लिए सीरियस हैं तो ‘उसे’ SPACE देना भी सीखें




घर में मां-बाप या भाई-बहन के साथ जरा सी कोई प्रॉब्लम होती है वे बाहर जाकर Emotional Support ढूंढने लगती है. जिससे जाने या अंजाने वे ऐसे लोगों की शिकार हो जाती है जो उसकी भोलेपन और छोटी उम्र का फायदा उठाकर उन्हें बरगलाने लगते हैं.

किसी ने प्यार से दो शब्द क्या बोल लिया वे उसी को अपना सबसे बड़ा हमर्दद मानने लग जाती हैं और अपने करियर और अपने परिवार सब पर दांव लगा रही हैं. जबकि वो ठीक से उसके बारे में जानती भी नहीं है.

Shoulderसहानुभूति मिलने पर आसानी से शारीरिक संबंध बनने का खतरा रहता है. लड़कियां जो भावनात्मक रुप से कमजोर होती हैं वे आसानी से ऐसे आदमी के Shoulder पर सहारे की तलाश करने लगती है.

टीएनएज या यंग लड़कियां भावुकता में वे आसानी से लड़कों की बातों में आ जाती है. इसका फायदा लोग तरह-तरह से उठाते हैं, पैसा ऐंठने से लेकर शारीरिक शोषण तक.

Shoulder
Cour: wikihow

डॉ नीलम सक्सेना कहती हैं उन्होंने कई केस को क़रीब से देखने के बाद यह समझा है कि लड़कियां आसानी से भावना में आ जाती है तो घर के सपोर्ट सिस्टम को भूल कर बाहर अपने बाहर के उस दोस्त से Share करने लग जाती हैं जिसे वो अपना सबकुछ मानने लगती हैं.

READ THIS: अपने EX से फिर से PATCH-UP की सोच रही हैं तो रखें किन बातों का ध्यान?

कई लड़िकयों ने उन्हें बताया है कि घर में पेरेंटस उसकी जो बात नहीं समझते उसे उसका दोस्त अच्छी तरह समझता है और वे घर में होने वाली अपनी हर बात अपने ब्यॉयफ्रेंड या अपने दोस्त से शेयर करती है.

ऐसे हालात में परिवार वालों को भी अपनी आदतों में बदलाव करना होगा. अपनी घर की बच्ची को आप पर भरोसा होगा या किसी बात का डर नहीं होगा तो वे बाहर कुछ शेयर करने से पहले आपको बताएंगी. वो कैसे लोगों से मिल रही है, कैसे लोगों के संपर्क में है इसकी भी जानकारी रखें.

Cour: wikihow

मां-बाप अपनी बेटियों को समझाएं कि वे शारीरिक और मानसिक दोनों रुप से मजबूत हैं वो खुद को कमजोर नहीं समझे. उन्हें बताएं कि उसका घर और परिवार वाले हमेशा उसके साथ हैं.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें