TRIPLE TALAQ BILL- क्या आज RAJYA SABHA में परीक्षा में पास होगी सरकार?

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Triple Talaq Bill
Triple Talaq Bill-will be introduced in Rajya Sabha

Triple Talaq Bill पर Rajya Sabha में सरकार की परीक्षा है. क्या सरकार  Triple Talaq Bill  पारित कराने की  परीक्षा में भी पास हो जाएगी?

संख्या बल के हिसाब से BJP की नेतृत्व वाली NDA Government राज्यसभा यानी ऊपरी सदन में Minority में है. हालांकि Minority में रहते हुए भी राज्यसभा उपसभापति का चुनाव एनडीए ने जीत लिया है.

Cabinet ने गुरुवार को एक साथ तीन तलाक (Instant Triple Talaq, Instant Divorce) को गैरकानूनी बनाने के लिए Triple Talaq Bill यानी Muslim Women (Protection of Rights on Marriage) Bill 2017 में तीन जरुरी बदलाव को मंजूरी दी है.

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विपक्ष के दबाव के बाद सरकार ने इस विधेयक में तीन Amendment लेकर आई है. अधिकतर विपक्षी पार्टियां इस बिल में जमानत का प्रावधान नहीं होने का विरोध कर रही थी.

इसके तहत मजिस्ट्रेट को अब ऐसे मामलों में जमानत देने का अधिकार होगा. मीडिया रिपोट्स के मुताबिक संशोधित Triple Talaq Bill को सराकर आज Rajya Sabha में पारित कराने की कोशिश करेगी. यह बिल Lok Sabha से पहले ही पारित हो चुका है. आज Parliament के Monsoon Session का आखरी दिन है.

मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक में  ये तीन बदलाव किए गए हैं..

1- Triple Talaq का आरोपी पति ट्रायल से पहले जमानत के लिए Magistrate  के समक्ष गुहार लगा सकेगा. पत्नी का पक्ष सुनकर मजिस्ट्रेट जमानत दे सकेंगे. जमानत तभी दी जाएगी जब पति बिल के प्रावधानों के अनुसार पत्नी को मुआवजा दे. मुआवजा कितना देना होगा यह मजिस्ट्रेट ही तय करेंगे.

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हालांकि Law Minister Ravi Shankar Prasad ने यह साफ किया कि तीन तलाक पर प्रस्तावित कानून गैर जमानती ही रहेगा. जिसके तहत पुलिस थान में ही जमानत नहीं दे सकती है.

2-FIR तभी दर्ज होगी जब तीन तलाक पीड़ित महिला उसके रक्तसंबंधी या ससुराल पक्ष के रिश्तेदारों में से कोई पुलिस को शिकायत करे. यह डर खत्म हो जाएगा कि ऐसे मामलों में पड़ोसी या कोई अन्य भी एफआईआर दर्ज करवा सकता है.

3-तीन तलाक का अपराध कम्पाउंडेबल होगा. में मामलों में दोनों पक्षों में से कोई भी केस वापस लेने को स्वतंत्र रहता है. ऐसे में पति-पत्नी के बीच विवाद का निपटारा करने के लिए मजिस्ट्रेट अपनी शक्तियां प्रयोग कर सकेंगे.