अपने बच्चे को ‘BEST’ बनाने के चक्कर में क्या आप भी अक्सर करती हैं ये गलतियां

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parents should not force their child to be best
parenting tips- parents should not force their child to be best (Courtesy: Today Show)

अक्सर मां-बाप अपने बच्चे को ‘Best’ बनाना चाहते हैं. Best Child बनाने के लिए खुद भी खूब मेहनत करते हैं और बच्चों से भी करवाते हैं. बच्चे को Best बनाने के लिए Parents अपनी इच्छाएं और महत्वकांक्षाएं उस पर लाद देते हैं.




ऐसे में बच्चों से जरा सी चूक क्या करते हैं, या उनकी इच्छा के अनुसार रिजल्ट लेकर नहीं आते तो वे इस तरह अपना धैर्य खो देते हैं मानो बच्चे ने कोई बड़ी ग़लती कर दी हो. उन्हें वक्त बेवक्त सबके सामने डांटना, बात-बात पर उसमें कमियां निकालना शुरु कर देते हैं. इससे ‘Best’ बनने की बात तो छोड़िए नार्मल भी नहीं रह पाता.

Senior Counsellor Dr. Neelam Saxsena बताती हैं कि आजकल ऐसे Cases की भरमार हो गई है जहां बच्चों के साथ घरों में Misbehave किए जाने की घटनाएं बढ़ रही है. माता-पिता अपनी इच्छाओं का बोझ बच्चों पर लाद कर उनके साथ इस तरह का व्यवहार कर रहे हैं कि बच्चे Deep Depression में जा रहे हैं.




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Prents trying to make their child best
(Courtesy: infokids)

Dr. Neelam Saxsena कहती हैं कि बच्चे पर Best बनाने का दबाव हरगिज मत बनाइए. हर बच्चा एक जैसा नहीं होता. उसके सीखने की क्षमता और उसकी योग्यता को नजरअंदाज नहीं करें. आप डॉक्टर बनना चाहते थे नहीं बन पाए इसलिए बेटे को डॉक्टर बनाना है यह दबाव कहां तक उचित है?




अच्छी परवरिश देने की कोशिश करना यह तो हर पेरेंटस का कर्तव्य है लेकिन इसे लेकर हर वक्त तनाव में रहें और इतने सख्त हो जाएं कि बच्चे उनसे दूर होने लगे या उनके व्यक्तित्व पर इसका विपरीत असर होने यह ठीक नहीं.

बात-बात पर बच्चों को सबके सामने डांटना, उसे नीचा दिखाना, उसमें गलतियां निकालना, उसकी तुलना दूसरे बच्चों से करना पेरेंटेस की ये वो आदतें हैं जो बच्चों को आत्मविश्वास डिगा देती है.

बच्चों को लगने लगता है कि वे अपने मन की बात भी अपने पेरेंटस से नहीं कर पाते. इससे बच्चों को ये एहसास होने लगता है कि उनके पैरेंट्स ही उनके सबसे बड़े दुश्मन हैं और वे उनकी बिल्कुल भी परवाह नहीं करते.

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पेरेंटस यह समझते हैं कि ऐसा करके वे बच्चों में सुधार कर लेेंगे लेकिन उनका यह सोचना गलत है. ऐसे में बच्चों का न केवल Education के प्रति रुझान कम होता है बल्कि पेरेंटस के प्रति भी उसके मन में गुस्सा और तिरस्कार आता है.

यदि आप चाहते हैं कि आपके बच्चे आपको गुणों को अपने अंदर उतारें, वे अपनी शिक्षा और अपने करियर को गंभीरता से लें उस पर बेस्ट बनने का Pressure नहीं डालें.

कभी नहीं करें ये गलतियां-

1-बच्चे से कभी नहीं कहें कि पड़ोस का या तुम्हारे भाई-बहन तुमसे अच्छे हैं.

2-उन्हें दूसरो ंके सामने हरगिज नहीं डांटे, खासतौर पर बाहर वालों के सामने

3-मेहमानों के सामने बच्चे की गलतियां न गिनाने बैठ जाएं.

4-स्कूल में शिक्षक से बच्चे की शिकायतों की भरमार नहीं करें.

5-बच्चों की बात को अनसुना नहीं करें.

6-खराब रिजल्ट आने पर उसे कोई शारीरिक सजा न दें या अपमानित नहीं करें.

7-बच्चों से कभी नहीं कहें कि तुम नालायक और निकम्मे हो, तुमसे कुछ नहीं हो सकता

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