SHELTER HOME RAPE CASE-42 में से 34 बच्चियों को बनाया रेप का शिकार, बच्चियों के साथ इस तरह होती थी दरिंदगी

637
Shelter Home Rape Case
shelter home rape cass-34 girls have been raped

बिहार के मुजफ्फरपुर के Shelter Home Rape Case की तस्वीर भयावह होती जा रही है. Shelter Home Rape Case में अब तक 42 में से 34 बच्चियों के साथ रेप होने की पुष्टि हुई है.

Shelter Home Rape Case के मामले में मुजफ्फरपुर के एसएसपी ने 34 बच्चियों के साथ रेप होने की पुष्टि की है. पहले 29 बच्चियों के साथ ऐसा होने की आशंका जताई जा रही थी.

मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक Mujjafarpur SSP Harpreet Kaur ने बताया कि अब तक 34 बच्चियों के साथ रेप होने की बात साफ हो गई है. ये बच्चियां कई महीनों से दरिंदगी का शिकार हो रही थीं.

READ THIS: बिहार के मुजफ्फरपुर के SHELTER HOME में बच्चियों के साथ यौन उत्‍पीड़न

Shelter Home Rape Case में पीडि़त बच्चियों की उम्र 7 से 13 साल है. मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक पीड़ित बच्चियों ने अपने बयान में बताया है कि उन्हें मिर्गी की सुई और कीड़े मारने की दवा देकर बेहोश किया जाता था और उसके बाद उनके साथ रेप होता था.

एक पीडि़त बच्ची के मुताबिक आंटी हमें पेट के कीड़े की दवा के नाम पर कोई दवाई देती थीं जिसके बाद मुझे नींद आ जाती थी. सुबह मेरे पूरे शरीर में दर्द रहता था. उसी हालत में हमें पेट पर मारा जाता. एक दूसरी बच्ची के मुताबिक यदि वे दवाई लेने से मना कर देती तो उन्हें बुरी तरह पीटा जाता.

एक अन्य पीड़ित बच्ची ने बताया कि आंटी हमें रात में कोई दवा देती थीं और ब्रजेश सर के रुम में सोने को कहती थीं. जब मैं सुबह उठती तो मेरा पैंट जमीन पर फेंका होता और मेरे पूरे शरीर में दर्द होता था.

READ THIS: BILL FOR DEATH PENALTY-12 साल से कम उम्र की बच्चियों से रेप करने पर अब होगी फांसी

ब्रजेश सर यानी ब्रजेश ठाकुर जो एनजीओ Seva Sankalp Evam Samiti के तहत यह बालिका गृह चला रहा था. Brajesh Thakur को उनके 9 स्टाफ के साथ Judicial custody में भेज दिया गया है.

बिहार की नीतीश कुमार सरकार ने Shelter Home Rape Case की CBI से जांच कराने के आदेश दे दिए हैं. इस एनजीओ को बिहार सराकर अनुदान दे रही थी.

Tata Institute Of Social Science के ऑडिट में कुछ लड़कियों ने अपने साथ Sexual Harassment की बात कही थी. 28 मई को इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई थी.

आरोप है कि संचालक ब्रजेश ठाकुर ने यौन शोषण का विरोध करने वाली एक बच्ची को मारकर यहीं दफना दिया था. उसके बाद बालिक गृह की खुदाई भी की गई.