यदि आप भी ROSACEA से पीड़ित हैं तो इस तरह रखें अपना ध्यान

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Rosacea
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Rosacea  (रॉजेसिया) एक त्वचा संबंधी रोग है, जो चेहरे की त्वचा पर दिखाई देता है. Rosacea  एक आम समस्या है. यह समस्या लोगों में 13 वर्ष की उम्र से लेकर 40 वर्ष की उम्र तक देखी जाती है.




त्वचा में होने वाले विकारों में, Rosacea  त्वचा की तैलीय ग्रंथियों का डिसऑर्डर है. Rosacea  से त्वचा को नुकसान पहुंचाने वाले बैक्टीरिया तैलीय ग्रंथियों में बढ़ते जाते हैं. जिसका परिणाम यह होता है कि त्वचा पर दाने और त्वचा में जलन होने लगती है. गोरी त्वचा वाले लोगों को ज्यादा रोजेसिया होता है.

चेहरे के अलावा गर्दन, पीठ और कंधे पर भी हो सकता है. वही रोजेसिया से चेहरे के बीच के हिस्से में होता है. रोजेसिया जाने के बाद गहरा दाग छोड़ जाते हैं. जिन्हें हटाना थोड़ा मुश्किल होता है.




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लक्षण (Symptom)

चेहरे के बीच के हिस्से का लगातार लाल रहना.

कभी-कभी इस हिस्से में Swelling हो जाना.

Blackheads और Whiteheads के लाल लाल बड़े दाने.

चेहरे की त्वचा पर आंखों के आंखों में Burning महसूस होना.

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Rosacea के कारण

इसके कई कारण हो सकते हैं. जैसे

अधिक गर्म पानी से नहाना.

बहुत ज़्यादा मसालेदार भोजन खाना.

ज़रूरत से ज़्यादा एक्सरसाइज़ करना

तेज धूप में रहना. गर्म वातावरण का प्रभाव.

तनाव या थकान के कारण

कुछ दवाओं के साइट इफेक्ट, जिसकी वजह से रक्त नालियां आकार में बड़ी हो जाती है.

Senior Cosmetic Surgeon Dr. Manoj कहते हैं कि जो लोग Rosacea से पीड़ित हैं उन्हें सूर्य की तेज रोशनी से बचना चाहिए. क्रीम लगाएं. गर्म पेय पदार्थ अल्कोहल और मसालेदार खाना से बचना चाहिए और गर्म वातावरण में नहीं रहना चाहिए. चेहरे को बार-बार ना छुएं. चेहरा साफ रखें बार-बार पानी से चेहरा धोएं.

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उपचार (Treatment)

Rosacea के लिए आमतौर पर डॉक्टर Antibiotics ही देते हैं. इसके लिए डॉक्टर की सलाह ले कर ही क्रीम का इस्तेमाल करना चाहिए. साथ ही laser therapy भी  रोजेसिया के उपचार में लाभप्रद है.

कोई भी उपचार से पहले,  डॉक्टर से जांच कराना ज़रूरी होता है. इसमें प्रयोगशाला में जांच या एक्स-रे, वगैरह की ज़रूरत नहीं होती है. वैसे कई बार यह बीमारी  लंबे समय तक या सारी ज़िंदगी रह सकता है.

 

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