अगर निभाना पड़े MOTHER के साथ FATHER की भूमिका तो रखें 10 जरुरी बातों का ख्याल..

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single Mother as father and mother
single mother as father and mother

जूली जयश्री:

Mother होना अपने आप में एक ऐसा दायित्व है जिसकी जिम्मेदारियों का अंत नहीं. एक बच्चे के लिए Mother कोई आम इंसान नहीं बल्कि वो सुपर पावर होता है जिसके पास हर वक्त हर प्रॉब्लम का सॉल्यूशन रेडी रहता है.

उस पर भी यदि Mother के उपर पिता के भी हिस्से की जिम्मेदारी निभाने की मजबूरी आ जाए तो उस कठिनाई का तो अंदाजा भी लगा पाना मुश्किल है.




आजकल न सिर्फ Separation की वजह से बल्कि Job, Transfer या फिर Long Tour की वजह से भी पति से दूर रहने की नौबत आ जाती है.

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इस परिस्थिति में आपको न सिर्फ अपने बच्चे का ध्यान रखना पड़ता है बल्कि ‘Single Woman’ वाले आतंक से खुद को भी सुरक्षित रखना पड़ता है.




यदि आपने अपने पति से दूर रहकर बच्चे को पालने का जिम्मा उठाया है तो निश्चित तौर पर आपमें आत्मविश्वास की कोई कमी नहीं होगी इसी के साथ आप यदि कुछ बातों को लेकर सतर्कता भी रखें तो बहुत कुछ आसान हो जाएगा

यदि Mother को अकेले ही निभानी पड़े दोनों भूमिका तो किन बातों का रखें ख्याल –

1- बच्चों को पिता की मजबूरी से अवगत करा कर रखें ताकि उसके मन में पिता के प्रति लगाव बना रहे.




2- Video और फोन के जरिए बच्चे की रोज पिता से बात करवाएं. हर छोटी बड़ी उपलब्धि और खुशी पिता के साथ शेयर करें. उसके किसी खास पल को विडियो के जरिये पिता के साथ भी शेयर करें इससे बच्चे को दूर रह कर भी पिता का Moral Support मिलता रहेगा .

single Mother as father and mother
Video chat with father (Cour: VideoBlocks)

3-अपना Social Circle छोटा रखें जिसमें सिर्फ विश्वसनीय लोगों की जगह हो.अजनबियों के साथ अपनी स्थिति के बारे में डिसकस नहीं करें. कोशिश करें कि घर ऐसी जगह लें जहां आपके विश्वसनीय लोग, कोई परिचित, कोई रिश्तेदार रहते हों.

जूली जयश्री

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4-हर छोटी छोटी बात के लिए किसी अन्य पर निर्भर होने से बचें इसे देखकर आपके बच्चे में भी आत्मनर्भरता आएगी. बार-बार मार्केट जाने से बचें. कोशिश करें कि महीने में एक बार मार्केट जाकर जरुरी चीजें खरीद लें.

5-आप भले ही कितनी भी बिजी क्यों न हो लेकिन फिर भी अपने बच्चों के साथ थोड़ा क्वालिटी टाइम अवश्य बिताएं. उनसे स्कूल और खेलने वाले जगह के बारे में बात करती रहें. बच्चों को भी बताएं कि वे किसी भी से भी ज्यादा इस बात पर चर्चा नहीं करें कि उनके पिता अभी उनके साथ नहीं रहते हैं, वे बाहर है.

single Mother as father and mother6-यदि आप कामकाजी हैं या किसी वजह से बच्चे के साथ बैठकर उनकी बातें सुन नहीं पा रहे हैं तो, उन्हें डायरी में लिख लेने को कहें. इससे उनकी Creativity बढेगी और अनावश्यक किसी और को करीब आने या उनके अंदर अकेलापन पनपने का मौका नहीं मिलेगा.

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7- बच्चों की सुरक्षा करना भले ही आपका उत्तरदायित्व है लेकिन उन्हें लेकर Over Protective ना बने . कुछ बातें खुद ही सीखने दें ताकि वह भी इंडीपेंडेंट बन सके.

8- बच्चों की परवरिश प्यार में मां का प्यार और पिता का स्ट्रिक्टनेश बैलेंस रखें. यदि बच्चे शैतानी करते हों तो उन्हें यह कहकर नहीं धमकाएं कि इस बार पापा आएंगे तो उनसे तुम्हारी शिकायत करुंगी.

9-अपने पास कुछ कैश हमेशा रखें. पुलिस, एंबुलेंस, हॉस्पिटल, ग्रॉसरी शॉप और परिचितों के नंबर अपने बैग में जरुर रखें. यदि रात में बच्चे की या आपकी तबीयत खराब हो रही हो तो तुरंत अपने किसी परिचित को सूचित करें.

10- यदि कहीं बच्चे के साथ बाहर जा रहे हैं तो निकलने से पहले वहां की सुरक्षा की जानकारी रखें, आने जाने का टिकट रहने की जगह जाने का समय इमरजेंसी कांटेक्ट सभी का पुख्ता इंतजाम करके ही निकलें.

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