KRISHNA JANMASHTAMI- इस बार क्यों बन रहा है अद्भुत संयोग ?

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karishna Janmashtami
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Krishna Janmashtami इस बार दो दिन यानी आज 2 सितंबर और कल 3 सितंबर को मनाई जा रही है.  स्मार्त(शैव) परंपरा के अनुसार Krishna Janmashtami आज है, जबकि वैष्णव परंपरा के अनुसार 3 सितंबर को जन्माष्टमी मनाई जाएगी. मथुरा में कृष्ण-जन्माष्टमी 3 सितंबर को ही मनेगी.

Lord Krihna के जन्म दिवस को Krishna Janmashtami के रुप में मनाया जाता है. शास्त्रों के मुताबिक भगवान कृष्ण का जन्म आज से करीब सवा पांच हजार साल पहले भाद्रपद माह में कृष्णपक्ष की अष्टमी तिथि को हुआ था.
क्यों है इस बार Krishna Janmashtami पर अद्भुत संयोग?
आज से 5245 साल पहले भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था. उस वक्त उनकी कुंडली में जो ग्रहदशाएं थी, उनमें से इस बार पांच हू-ब-हू हैं. जन्माष्टमी के समय रोहिणी नक्षत्र का योग 2 सितंबर को है.
जन्माष्टमी पर इस बार द्वापर युग जैसे योग बन रहे हैं. आकाश मंडल में पांच ग्रह उसी स्थिति में रहेंगे जैसे श्रीकृष्ण के जन्म के समय उनकी कुंडली में थे.
ज्योतिषाचार्य विभोर इंदुसत के अनुसार इस बार कृष्ण जन्माष्टमी की मध्यरात्रि को भी वृष लग्न में वृष राशि होगा, सूर्य सिंह राशि में, मंगल मकर में और शुक्र तुला राशि में होगा. ये चार ग्रह इस बार बिल्कुल उसी स्थिति में है जैसे द्वापर युग में श्रीकृष्ण के प्राकट्य के समय थे.
क्या है शुभ मुहुर्त?
आज यानी 2 सितंबर को अष्टमी रात्रि 8.47 से शुरु होकर 3 सितंबर की शाम 5.20 तक. उसके बाद नवमी.
रोहिणी नक्षत्र-आज 8.48 बजे से प्रारंभ होकर 3 सितंबर को रात्रि 8.04 तक
निशीथ काल-आद रात्रि 11.57 से 12.48 तक.
(साभार-हिन्दुस्तान)