TEENAGER से जरुर करें ये 4 बातें

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Teenager
(Pik Courtesy: MomJunction)

Teenager के लिए उम्र का यह पड़ाव जितना खूबसूरत है, उतना ही चुनौती भरा भी होता है. Teenager के लिए उम्र का नाजुक दौर होता है जब उनमें शारीरिक व मानसिक बदलाव शुरू हो जाते हैं. इस समय Teenager के मन में कई सवाल होते हैं और यदि इसका तार्किक ढंग से जवाब नहीं मिलता तो वे Upset, Angry या Depressed हो सकते हैं.


Teenager के मन में उठ रहे सवालों के जवाब यदि Parents को सही तरीके से नहीं मिलता है तो बच्चे इसका जवाब बाहर ढूंढने लगते हैं. क्या आप अपने Teenager के मन की बात को समझ रही हैं? क्या आपने कभी उनसे पूछा कि वे किस तरह की समस्याओं से जूझ रहे हैं?

यदि नहीं तो आपको अपने टीनएजर बच्चों से इन 4 चीजों के बारे में में जरुर बात करनी चाहिए…

1-Physiological Changes

Teenager की सबसे बड़ी परेशानी Physiological Changes है. इस समय शरीर में होने वाले बदलाव से उनके मन में कई सवाल उठते हैं. इस उम्र में लड़कियां अपने शरीर के बदलावों  को लेकर बहुत सचेत हो जाती है.

Breasts के विकास के साथ लड़कियों में Puberty शुरु हो जाती है. जिसके कारण वह कई बार सहज महसूस नहीं करती. पेरेंटस को चाहिए वे इन सब बातों को लेकर बच्चों के साथ सहजता से बात करें और उन्हें शरीर में होने वाले बदलावों के बारे में बताएं. उन्हें कहें कि वक्त के साथ शरीर में होने वाले ये बदलाव एक सामान्य प्रक्रिया है.




कहीं आपको भी तो नहीं लगता कि आपके बच्चे आप से कुछ भी HIDE नहीं करते

Peer Pressure

इस समय Teenager में ज्‍यादा से ज्‍यादा स्‍कोर करने का जुनून या प्रेशर  होता है. पेरेट्स की भी अपने बच्चों से  बेहतरीन प्रदर्शन की उम्‍मीदें होती हैं इससे वे दबाव में रहते हैं. दूसरों की हैसियत, उनके कपड़े, लाइफस्टाइल से आपके बच्चों पर दबाव हो सकता है.

हो सकता है कि वे दूसरे बच्चों के मां-बाप की हैसियत देखकर अपने मां-बाप से उसकी तुलना करें. अपने दोस्तों जैसे महंगे फोन, कपड़े या जूते दिलाने की जिद्द करें. पेरेंटस को प्यार से उन्हें बच्चों से बात करके अपनी स्थिति के बारे में साफ-साफ बताना चाहिए. कभी-कभी बच्चों की फरमाइश को पूरी करें या उसकी पसंद की चीजें उसे दिलाएं.

Pik Courtesy: TeenLife

Crush

इस उम्र में Teenager बच्चों का किसी पर Crush होना या Attract होना बहुत स्वाभाविक है. यह है उम्र होती ही ऐसी है कि इसमें  विपरीत सेक्‍स के प्रति आकर्षण बढ़ता है. ऐसे में टीनएज बच्चे  डेटिंग पर जाने से भी नहीं हिचकिचाते या फोन पर ज्यादा समय बिताने लगते हैं.

ऐसे में बच्चो ंको समझाएं कि यह वक्त पढ़ाई पर ध्यान देने और करियर बनाने का है. उन्हें भरोसा दिलाएं कि जब वे अपने पैरों पर खड़े हो जाएंगे या अपना मनपसंद करियर बना लेंगे तो आगे की जिंदगी के लिए वे महत्वपूर्ण फैसले ले सकते हैं.

Pik Courtesy: wikihow

इस उम्र में उन्हें Sex Education देने से भी नहीं हिचकिचाएं. उन्हें सुरक्षित रखने के लिए जान‍कारियां देना बहुत जरूरी है. एक मां इस दिशा में सबसे महत्‍वपूर्ण भूमिका निभा सकती है.




Periods

Pik Courtesy: Livestrong.com

लड़कियों के पहले पीरियड शुरु होने या लड़कों की मूंछ निकलने के बारे में उन्हें बताएं. हार्मोनल बदलाव होने से उनके मूड और व्‍यवहार पर गहरा प्रभाव पड़ता है. इसलिए मूड देखकर उनसे उनकी दिल की बात जानने की कोशिश करें.

पीरियड्स की शुरुआत किसी भी किशोर लड़की के जीवन में आने वाला सबसे बड़ा बदलाव है. सिर्फ और सिर्फ मां की  अपनी बेटी को इस बारे में बता सकती हैं. टीनएज बेटी को इस उम्र तक आते-आते मां को मासिक धर्म के संबंध में पूरी जानकारी दे देनी चाहिए.

Bullying 

टीनएजर के साथ एक बड़ी समस्या Bullying  की भी होती है जो उन्‍हें बहुत परेशान करती है. बच्चों को भरोसे में लेकर उनसे बात करें. उन्हें समझाएं कि यदि वे Bullying का सामना कर रहे हों तो इस बारे में बात करने से नहीं हिचकिचाएं. उन्‍हें इसका सामना करने के लिए प्रोत्‍साहित करें और इसका विरोध करने का जज्‍बा उनमें जगाए.

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