HARIYALI AMAVASYA- क्यों बड़ी खास है इस बार की अमावस्या और क्या है इसका महत्व?

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Hariyali Amavasya
Hariyali Amavasya-important day for planting the trees

इस बार की Hariyali Amavasya को बहुत खास माना जा रहा है. महादेव शिव के प्रिय माह सावन की कृष्ण पक्ष की अमावस्या को ही Hariyali Amavasya कहा जाता है, क्‍योंकि इसके ठीक 3 दिन बाद हरियाली तीज Hariyali Teej आती है.




शनिवार को होने के कारण इस बार Hariyali Amavasya का महत्व और बढ़ गया है. इस दिन पवित्र नदियों में स्नान और दान करने से पितृगण प्रसन्न और तृप्त होते हैं. इस आवस्‍या तिथि पर पितृ और उनसे जुड़े कर्मकांड किए जाने चाहिए क्‍योंकि माना जाता है कि इससे शुभ अवसर फिर कभी नहीं प्राप्‍त होगा.

शनिवार के दिन Hariyali Amavasya का क्यों है विशेष महत्व?

इस माह सावन अमावस्‍या 11 अगस्त 2018, शनिवार को है. इसका आरंभ 10 अगस्‍त, 19:08 बजे से होगा और 11 अगस्त के दिन 15:27 बजे समाप्‍त होगा. इसी दिन सूर्य ग्रहण भी लगेगा.




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ज्योतिष में शनिवार के दिन पड़ने वाली अमावस्या का विशेष महत्व माना जाता है. जिसे शनैश्चरी अमावस्या भी कहा जाता है. शास्त्रों में शनि अमावस्या का विशेष प्रभाव पड़ता है.

पूजा विधि

Savan Amavasya या Hariyali Amavasya (हरियाली अमावस्या) में पेड़-पौधों को नया जीवन प्राप्‍त होता है. इसलिए सावन में पड़ने वाले अमावस्‍या में पीपल के पेड़ की पूजा की जाती है और इसके फेरे लगाए जाते हैं. इसके बाद पीपल के पेड़ को मालपुए का भोग भी लगाए जाने की परंपरा है.




इस दिन लोग व्रत रखते हैं और वृक्षारोपण भी करते हैं. Tree planting के लिए यह समय अनुकूल माना जाता है. कहा जाता है कि प्रकृति को संपन्न रखने और पितरों को स्मरण करने के लिए वृक्ष लगाने की परंपरा है.  यदि इस अमावस्या को गंभीरता से लें तो तभी श्राद्ध का पुण्य सही अर्थों में मिलता है.

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कहा जाता है कि वृक्ष में देवी-देवताओं का निवास होता है इसलिए इस मौसम में पीपल, आंवला, शमी, कंदम्ब और बेलपत्र का पेड़ जरुर लगाना चाहिए. माना जाता है कि गणेश और शिवजी को शमी का वृक्ष पसंद है. इसे लगाने से सभी तरह के रोगों का नाश होता है.

वहीं दिन-रात ऑक्सीजन देने वाले पीपल में ब्रह्मा, विष्णु और महेश का वास माना जाता है. लक्ष्मी जी कदम्ब और आंवला का पेड़ लगाने से प्रसन्न होती हैं. वहीं भगवान विष्णु आंवले के वृक्ष से प्रसन्न होते हैं. इस वृक्ष को लगाने से लक्ष्मी जी की भी कृपा होती है.

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