FRIENDSHIP DAY SPECIAL-कौन से दोस्त सच्चे SOCIAL SITES वाले या REAL LIFE के?

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Friendship Day
Friendship Day Special-what is important real life friends or virtual friendship

संयोगिता कंठ:

आज Friendship Day है. ऐसे में हम अपने दोस्तों को याद कर रहे हैं और उनसे गले मिल रहे हैं. Friendship Day ऐसा दिन होता है जब हम सोचते हैं कि दोस्ती एक बड़ी नियामत है.

लेकिन Friendship Day ही ऐसा मौका भी है जब हमें यह भी सोचना चाहिए कि क्या हमारी दोस्ती सच्ची है? सच्चा दोस्त वही है जो हर परिस्थिति में आपके साथ खड़ा हो, लेकिन आज के डिजिटल युग में दोस्ती के मायने बदलने लगे हैं.




यह ठीक है कि सोशल साइट्स दोस्तों-रिश्तेदारों से जुड़े रहने का एक प्रमुख जरिया है. 50 फीसदी लोग तो सिर्फ सोशल साइट्स का रुख करते हैं वे अपने बिछड़े दोस्तों को ढूंढ सकें, लेकिन अब लोग Real Life के दोस्त से ज्यादा  Social Sites के दोस्तों को ज्यादा तवज्जो देने लगे हैं.

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भले ही अपने सच्चे दोस्तों से मिलने-जुलने का मौका भले न मिले, उसके सुख-दुख में शामिल न हो पाएं, लंबे समय से उनसे बात नहीं हुई हो लेकिन अक्सर देखने में आया है कि लोग Social Sites के दोस्तों के साथ घंटों जुड़े रहते हैं. यानी आप Social Life से कट कर Virtual world में जीने लगे हैं.




एक शोध में 57फीसीद यूजर Facebook, Twitter, Instagram पर नए दोस्त बनाने की बात स्वीकार करते हैं.  सोशल साइट्स के Friend List में दोस्तों की संख्या कितनी ज्यादा है लोग इसे गर्व का विषय मानने लगे हैं.
सबको बढ़ा-चढ़ाकर अपने दोस्तों की संख्या बताते हैं और उन्हें कितने लाइक्स और कितने कमेंटस मिले इसका बखान करते हैं.  सोशल साइट्स पर जिसके दोस्तों की संख्या कम हों तो अक्सर मैंने लोगों को उनका मजाक उड़ाते भी देखा है.
सोचने वाली बात है कि क्या सोशल साइट्स के ये दोस्त आपके सच्चे दोस्त हैं? सिर्फ ‘ओह’, ‘वेरी सॉरी’,’टेक केयर’ या लाइक्स के बटन दबाने के अलावा क्या वे आपके दुख-सुख में सच्चे रुप में शामिल हो सकते हैं?

सोचने की बात है कि सोशल साइट्स पर जो सैंकड़ों दोस्त है उनमें से कितनों को आप पूरी तरह जानती भी हैं? क्या वे आपको जानते हैं? क्या आपका दिल उनसे मिला हुआ है?




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इस बात का यह कतई मतलब नहीं कि आप सोसल साइट्स पर नए दोस्त बनाना छोड़ दें लेकिन Friend Request भेजने या Accept करने से पहले यह जरुर सोचें कि जिससे दोस्ती का हाथ बढ़ा रही हैं उससे आप पूरी तरह संतुष्ट है?

दरअसल सच्चे दोस्त वही हो सकते हैं जिनके विचार आपस से मिलते हों. ऐसे रिश्ते में ही मजबूती हो सकती है जब एक दूसरे के विचार और भावनाओं का सम्मान हो.

लेकिन जब आप किसी को अच्छी तरह जानते ही नहीं उनसे दोस्ती कैसे कर सकते हैं? कई बार ऐसे लोग सिर्फ आपका पीछा करने और आपके बारे में जानकारी जुटाने के लिए ही आपको Friend Request भजेते हैं. कुछ लोग Troll करने के लिए भी आपसे दोस्ती कर सकते हैं.

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इसलिए आज Friendship Day पर इस बात पर गौर जरुर करें कि आपके लिए Real Life के दोस्त ज्यादा महत्वूपूर्ण हैं या Social Sites वाले.

Social Sites पर Virtual Friendship करने या दोस्ती का हाथ बढ़ाने से पहले जरुर इन बातों पर गौर करें…

1-अजनबियों की Friend Request स्वीकारने से पहले उसका प्रोफाइल और Friend List अच्छे से खंगाल लें.

2-फोटो और दोस्तों की सूची भी देखें, कुछ आपत्तिजनक लगे तो फ्रेंड रिक्वेस्ट ठुकरा दें.

3-किसी अजनबी से निजी जानकारियां, फोन नंबर, घर-स्कूल, दफ्तर का पता साझा नहीं करें.

4-यदि कोई आपत्तिजनक कमेंट करें या आपको अपमानित करने की कोशिश करें तो फौरन ब्लॉकर कर दें.

5-अजनबी से अकेले में या फिर किसी अंजान जगह पर मिलने से बचें.

 

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