FEMALE CIRCUMCISION पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी- क्या महिलाएं केवल पति को खुश रखने के लिए है?

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Circumcision
Female circumcision-woman is not only for to keep hubby happy

Dawoodi Bohra community में Circumcision यानी खतना प्रथा पर Supreme Court ने सवाल उठाएं है. कोर्ट ने  Circumcision की प्रथा के बारे में कहा है कि महिलाओं का Circumcision सिर्फ इसलिए नहीं कर सकते कि उन्हें शादी करनी है.




कोर्ट ने Circumcision प्रथा को असंवैधानिक करार दिया है. सोमवार को सुनवाई के दौरान Supreme Court ने इस प्रथा पर सवाल उठाते हुए कहा कि महिला से ही पति की पसंद बनने की अपेक्षा क्यों होनी चाहिए?

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महिलाओं के खतने पर पूरी पाबंदी (Ritual of female genital mutilation (FGM) की मांग से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान Chief Justice Deepak Mishra  कोर्ट ने कहा कि क्या वह कोई पशु है जो किसी की पसंद या नापसंद बने?




Advocate and Social Activist Sunita Tiwari ने यह PIL दायर की है. कोर्ट ने कहा कि ये khatna का मामला महिला की निजता और गरिमा से जुड़ा है. ये संवैधानिक प्रावधानों का उल्लंघन है. मामले पर Chief Justice Deepak Mishra, Justice J S Khehar and Justice D Y Chandrachud की पीठ सुनवाई कर रही है.

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मुख्य न्यायधीश दीपक मिश्रा ने कहा कि एक तरफ हम महिला अधिकारों को बढ़ावा देने की बात कर रहे हैं दूसरी तरफ इसे विपरीत दिशा में कैसे जाने दें?  यह लिंग आधारित संवेदनशीलता का मुद्दा है. इसके कई अन्य पहलू भी हैं.




कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 21 और 15 नागरिकों को जीवन की सुरक्षा, निजी स्वतंत्रता के साथ-साथ धर्म, जाति, नस्ल, लिंग इत्यादि के आधार पर भेदभाव से सुरक्षा प्रदान करते हैं.

जस्टिस चंद्रचूड़ ने कहा कि यह केवल अनुच्छेद 21 का हनन नहीं है, बल्कि अनुच्छेद 15 का भी हनन है. अपने निजी अंगों पर व्यक्ति का एकाधिकार होता है. ये व्यक्ति की निजता और गरिमा से जुड़ा मुद्दा है.

महिला पर पति की पसंद बनने का दबाव डालना संविधान सम्मत नहीं है. यह सेहत के लिए भी हानिकारक है. महिला को पुरुष के लिए तैयार करने के मकसद से खतना किया जाता है, जैसे वह जानवर हो.

अटार्नी जनरल वेणुगोपाल ने कहा कि यह प्रथा IPC और POSCO Act के तहत अपराध है. 42 देश इस पर रोक लगा चुके हैं जिनमें से 27 अफ्रीकी देश है.

 

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