इस गांव के लोग कर रहे हैं महात्मा गांधी के पौत्रवधु DR. SHIVA LAXMI GANDHI की देखभाल

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Dr. Shiva Laxmi Gandhi
Dr. Shiva Laxmi Gandhi- Gandhi’s grandson's wife spending life in a village (Pik Courtesy: The Hindu)

Dr. Shiva Laxmi Gandhi के बारे में जो कोई भी जानता है हैरत कर जाता है. Dr. Shiva Laxmi Gandhi उस परिवार से जिनका नाम हर कोई बहुत सम्मान से लेता है लेकिन वे बेआसरा रहीं. इसे किस्मत ही कहेंगे कि जो सम्मान उन्हें कोई गांधीवादी या राजनेता नहीं दे पाए उसके लिए एक गांव के लोग आगे आए हैं.




इंग्लैंड में करोड़पति भारतीय के घर जन्मीं  Dr. Shiva Laxmi Gandhi ने इंग्लैंड में केमेस्ट्री में PHD की. देश के राष्ट्रपिता Mahatma Gandhi के पोते से शादी की. उनके माता-पिता ने महात्मा गांधी के एक आवाहन पर करोड़ो की सम्पति छोड़ आजादी के हवन में अपने जीवन की आहुति दे दी, जेल भी गए.

लेकिन आज महात्मा गांधी की 95 वर्षीय पौत्रवधु Dr. Shiva Laxmi Gandhi को सम्भालने वाला कोई अपना नहीं है. नासा में वैज्ञानिक रहे उनके पति Kanubhai Ramdas Gandhi की मृत्यु के बाद वे अकेली जिंदगी बिता रही हैं. पिछले साल से वे गुमनामी में रह रही थी.




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कनु गांधी राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के तीसरे बेटे रामदास की इकलौती संतान थे. कनु महात्मा गांधी के लाडले पोते माने जाते थे. उनकी एक बहुत मशहूर तस्वीर है महात्मा गांधी के साथ जिसमें वे उनकी लाठी खींचते नजर आ रहे हैं. 1948 में जब बापू की हत्या हुई, तो वह महज 17 साल के थे.

(Pik Courtesy: The Quint)

जब कनु गांधी बीमार होने पर दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती हुए तब पता चला कि इस दंपत्ति के बाद रहने का कोई ठिकाना नहीं है. उनकी कोई संतान भी नहीं है. वे दिल्ली के एक Old Age Home मेें रहने को मजबूर थे.




यह दंपत्ति अमेरिका में कई साल बिताने के बाद 2014 में भारत लौट आया था. वे दिल्ली के ओल्ड एज होम में आने से पहले सूरत के कई आश्रमों में रहे. नवंबर 2016 में पति की मौत के बाद डॉ शिवालक्ष्मी गांधी को सम्भालने वाला कोई अपना नहीं है.

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लेकिन अब एक ऐसा गांव उनके देखभाल के लिए सामने आया जिसका ऐतिहासिक महत्व है और बापू से जुड़ा हुआ है. यह गांव बापू की देश के लिए अंहिसा की लड़ाई का ऐतिहासिक गवाह है.

सूरत का Bhimrad Village जहां दांडी यात्रा के दौरान महात्मा गांधी ने मुट्ठी में नमक उठा अंग्रेजों के नमक के कानून का विरोध किया था आज उसी गांव के लोग डॉ शिवालक्ष्मी गांधी यानी उनकी पुत्रवधु की देखभाल कर रहे है.

भीमराड गांव के लोग पूरे सम्मान और आदर के साथ डॉ शिवालक्ष्मी गांधी का ध्यान रख रहे हैं. 15 अगस्त को उनके हाथों ही गांव में ध्वजारोहण भी होगा.

 

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