पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में क्यों होता है CHRONIC KIDNEY DISEASE ज्यादा?

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Chronic kidney disease is more common in women than men

Chronic kidney Disease महिलाओं में मृत्यु का आठवां सबसे प्रमुख कारण माना जा रहा है. महिलाओं में Chronic kidney Disease विकसित होने की आशंका पुरुषों के मुकाबले 2 फीसदी ज्यादा होती है.




आंकड़े बताते हैं कि Chronic kidney Disease से दुनियाभर में करीब 19.5 करोड़ महिलाएं ग्रस्त हैं. Gastro Surgeon & Minimal Invasive Surgeon Dr. Sanjeev Kumar कहते हैं कि महिलाओं में Chronic kidney Disease का खतरा ज्यादा होता है.




डॉक्टर संजीव के अनुसार महिलाओं का Urethra साइज में छोटा होता है जिस कारण बैक्टीरिया जल्दी अपना असर दिखाते हैं. अगर इनका समय से इलाज नहीं किया जाए तो यह Chronic kidney Disease  में बदल जाती है. यह किडनी फेल होने की एक बहुत बड़ी वजह है.
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Dr Sanjeev Kumar, Gastrosurgeon & Minimal invasive Surgeon
 उन के अनुसार महिलाओं में यह बीमारी पुरुषों के मुकाबले 5 गुना नहीं बल्कि जितनी बार संभावना पुरुषों में होने की संभावना है उससे दुगनी है. यह रिस्क महिलाओं में गोलियां लेने की वजह से  बढ़ जाता है और कई बार यही क्रोनिक किडनी डिजीज का कारण भी बनता है.

उनका कहना है कि क्रॉनिक किडनी डिसीज को बांझपन और सामान्य गर्भावस्था व प्रसव के लिए भी रिस्क फैक्टर माना जाता है. इससे महिलाओं की प्रजनन क्षमता कम होती है और मां व बच्चे दोनों के लिए खतरा बढ़ जाता है.




जिन महिलाओं में ये बीमारी एडवांस स्तर पर पहुंच जाती है, उनमें Hypertensive Disorders और समयपूर्व प्रसव होने की आशंका काफी अधिक होती है.

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किडनी की बीमारी डायबिटीज, उच्च रक्तदाब और धमनियों के कड़े होने से हो जाती है. हालांकि, इन रोगों में से कई समस्याएं किडनियों के सूजने के कारण भी हो सकती हैं. इस स्थिति को Nephritis कहते हैं. Metabolic Disorders के अलावा कुछ Anatomical Disorders के कारण भी किडनी संबंधी बीमारियां हो जाती हैं.

 Diagnosis कैसे होता है?

वास्तविक समस्या तो इस रोग का डायग्नोसिस करने में है, क्योंकि जब तक kidney में ट्यूमर या सूजन न हो, डॉक्टरों के लिए केवल किडनियों को छूकर चेक करना कठिन हो जाता है. वैसे कई टेस्ट हैं, जिनसे किडनी के ऊतकों की जांच की जा सकती है.

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उपचार के विकल्प क्या हैं?

संक्रमण को एंटी बायोटिक्स से भी ठीक किया जा सकता है, अगर संक्रमण बैक्टीरिया के कारण हो. एक्यूट किडनी फेलियर के मामले में रोग के कारणों का पता लगाना सर्वश्रेष्ठ रहता है.

जब किडनी फेलियर अंतिम चरण पर पहुंच जाता है, तब उसे केवल Dialysis या Kidney transplantation से ही नियंत्रित किया जा सकता है. डायलिसिस सप्ताह में एक बार किया जा सकता है या इससे अधिक बार भी यह स्थितियों पर निर्भर करता है.

 

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