5 मिनट में BACK PAIN दूर कर देंगे बाबा रामदेव के बताए ये 5 YOGASAN…..VIDEO देखें..

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अगर आप  Back Pain से परेशान हैं? क्या आप Back Pain पर किसी भी दवाई का असर नहीं हो रहा?  Back Pain असहनीय होता है और लंबे समय तक बना रहता है. आज की जीवनशैली में Back Pain,  Cervical Pain जैसी समस्याएं आम हो गई है.




क्यों होता है Back Pain? 

Back Pain के इलाज से पहले यह जानना जरुरी है कि आखिर यह होता क्यों है?

1-नीचे झुकना, वजन ज्यादा उठाना,

2-हो सकता है कि आपके बैठने या उठने का तरीका यानी Body Posture ठीक नहीं है.

3-ज्यादा झुककर या लेटे रहने से भी कमर दर्द हो सकता है.

 

4-लंबे समय तक लैपटॉप या कंप्यूटर पर काम करते रहने से भी Back Pain हो सकता है.

5-उम्र बढ़ने के साथ-साथ शरीर की मांसपेशियां कमजोर होती है जिसकी वजह से डिस्क पर दबाव आता है और कमर दर्द की समस्या हो जाती है.




Dr Tushita, Fitness Expert, Physiotherapist

Physiotherapist Tushita भी कहती हैं कि कमर दर्द का सबसे अच्छा इलाज Yoga  ही है. ऐसे आसन जिससे कमर का दर्द ठीक हो जाता है. आपको रोजाना नियमित रूप से  योग करने की आदत डालनी चाहिए जिससे कमर दर्द में आपको आराम मिल सके.

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अब बात करते हैं योगासन की जिससे कमर दर्द से आपको आराम मिलेगा.

 

Baba Ravdeva के वो 5 योगासन जिससे Back Pain में बहुत आराम मिलता है.

1- Chakrasana– चक्रासन यह पांच से 6 बार करना है. पीठ के बल लेट कर किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण योगाभ्यास है. इस आसन की अंतिम मुद्रा में शरीर पहिये की आकृति का लगता है इसलिए यह नाम दिया गया है. इस योगासन से शरीर संतुलित रहता है और Back Pain में भी आराम रहता है.




2- Makarasana: मकरासन  पेट के बल लेटकर किए जाने वाला आसन  है. इस आसन  में हमारे शरीर की आकृति मकर की तरह  होती है. मकरासन से दमा और श्वांस संबंधी रोग भी सही हो जाते हैं.

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3- Bhujangasana.  इसे आठ से दस बार करना चाहिए. भुजंगासन पेट के बल लेटकर किया जाने वाले आसन में है. इस आसन  में हमारे शरीर की आकृति फन उठाए सांप की तरह प्रतीत होती है इसीलिए इसे भुजंगासन कहते हैं. पेट के बल जमीन पर लेट जाएं. दोनों पैर सीधे करके मिला लें. फिर दोनों हाथों को चेहरे के सामने रख दें.
दोनों हाथ की उंगलियों को पान का आकार दीजिए. उस आकार में अपनी ठोड़ी को रख लीजिए. सांस भरते समय धीरे-धीरे दोनों हाथों को सीधा कीजिए. कुछ समय तक इसी स्थिति में रुकिए. फिर धीरे-धीरे सांस छोड़ते हुए पूर्व स्थिति में आ जाइए.
4- Halasana- अब पीठ के बल किए जाने वाले आसनों में हलासन करें. हलासन करते वक्त शरीर की स्थित हल के समान हो जाती है इसीलिए इसे हलासन कहते हैं.
इसे करने के लिए पीठ के बल सीधे लेट जाएं. बाजुओं को सीधा पीठ की बगल में जमीन पर टिकाएं. दोनों पैरो को एक दूसरे से मिलाकर रखें. आंखें बंद करके शरीर को ढीला छोड़ दें. अब कोहनियों को जमीन पर टिकाएं.

दोनों हाथों से पीठ को सहारा दें. इस मुद्रा में १-२ सांस अंदर और बाहर लें .संतुलन सही बनायें. अब दोनों टांगों को बिलकुल पीछे ले जाएं. जितना संभव हो सकें उतनी देर इस मुद्रा में रहें. और फिर पैरो को धीरे धीरे वापिस ले आएं.

5-Ardha Matsyendrāsana- अर्ध-मत्स्येन्द्रासन आसान मगर सबसे महत्वपूर्ण है. मत्स्येन्द्रासन की आधी क्रिया को लेकर ही अर्ध-मत्स्येन्द्रासन प्रचलित हुआ.

अपने बाएं पैर को सीधे रखें और अपना दाहिना पैर को मोड़ें ताकि आपका पैर सपाट रहें. सहायता के लिए अपने पीछे जमीन पर अपना दाहिना हाथ रखें और बाएँ हाथ की कोहनी को दाहिने घुटने पर रखें.

क्या  सावधानी रखें-

यदि बहुत कमर दर्द हो तो योग नहीं करें, पहले डॉक्टर की सलाह लें

रात में सोने के लिए सख्त गद्दे का इस्तेमाल करें.

मोटापा नहीं बढ़ने दें. इससे रीढ़ की हड्डी पर दबाव बढ़ने लगता है.

लगातार झुक कर या लेट कर नहीं बैठे.

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