क्या DEORIA SHELTER HOME में भी हुआ है मुजफ्फरपुर जैसा कुछ ‘भयानक’?

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Girls rescued at Deoria shelter home
Girls rescued at Deoria shelter home

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्टर होम का मामला अभी ठंढ़ा भी नहीं पड़ा है कि उत्तर प्रदेश के Deoria Shelter Home में भी ऐसा ही कांड होने की आशंका जताई जा रही है. एक लड़की ने भागकर पुलिस को अपनी आपबीती बताई तो Deoria Shelter Home में बच्चियों को अवैध तरीके से रखने का मामला सामने आया.




पुलिस ने Deoria Shelter Home में छापा मारकर 24 लड़कियों को मुक्त कराया है. पुलिस मामले की जांच कर रही है और बाकी लड़कियों की तलाश कर रही है.

मीडिया रिपोट्स के मुताबिक उत्तर प्रदेश पुलिस ने देवरिया के शहर के स्टेशन रोड पर मां विंध्यवासिनी देवी समाज सेवा एवं प्रशिक्षण संस्थान के तत्वावधान में बाल गृह, बालिका गृह एंव शिशु गृह का संचालन होता है.

जहां पुलिस ने छापा मारकर 24 लड़कियां मुक्त कराई गईं. आशंका जताई जा रही है कि यहां भी Sex Racket चलाया जा रहा था और बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार हो रहा था. बालिका गृह में रहने वाली सभी लड़कियां अलग अलग जिलों की रहने वाली हैं.




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Superintendent of Police Rohan P Kanay ने रात पौने ग्यारह बजे मीडिया को इस कार्रवाई की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि Shelter Home से भाग कर आई एक बच्ची ने झाड़ू पोछा कराने का आरोप लगाया था.

उसी आधार पर पुलिस की चार टीमों ने महिला कांस्टेबल के साथ छापेमारी की. संस्था से जुड़े पांच लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है. बच्चियों के साथ Sexual Exploitation की बात भी सामने आ रही है.




UP Police के  Additional Director General (Law and Order) Anand Kumar ने कहा कि सभी बच्चियों का  Medical examination कराकर यह जांच की जाएगी कि क्या उनके साथ Sexual Harassment हुआ है?

पूरे मामले की छानबीन की जा रही है .संस्था की संचालिका गिरिजा त्रिपाठी और उनके पति मोहन त्रिपाठी समेत हिरासत में लिया गया है. संस्था की रिकार्ड के अनुसार यहां 42 लड़कियां और महिलाएं थी.

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जिसमें से 24 ही शेल्टर होम से मिली हैं. अन्य कहां हैं पता लगाया जा रहा है. पुलिस के मुताबिक यह शेल्टर होम अवैध रुप से चलाया जा रहा था. इसकी मान्यता 2017 में ही रद्द कर दी गई थी.

इस संस्था को करीब तीन सालों से सरकार से कोई  Fund नहीं मिल रहा था. इसका मामला अभी कोर्ट में चल रहा है. मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि जिला प्रोबेशन अधिकारी अभिषेक पांडेय ने संस्था को अवैध बताते हुए नोटिस जारी किया था.

करीब एक सप्ताह पहले उन्होंने पुलिस की मदद से यहां पर रखी गई लड़कियों को मुक्त कराने का प्रयास किया तो संस्था के लोग विरोध पर उतारू हो गए. जिसके बाद टीम बैरंग लौट गई थी.

उत्तर प्रदेश की महिला एवं बाल कल्याण मंत्री Rita Bahuguna Joshi ने इस मामले पर जानकारी देते हुए बताया कि पिछले साल CBI ने देवरिया के इस बालिका गृह का निरीक्षण किया था. सीबीआई की टीम ने जांच के दौरान पाया था कि देवरिया में जलाया जा रहा बालिक गृह अवैध रूप से संचालित था.

रीता बहुगुणा जोशी के मुताबिक सीबीआई के रिपोर्ट के आधार पर ही वहां रखी गई लड़कियों को स्थानांतरित करने और इस शेल्टर होम को बंद करने के लिए फरमान जारी किया था. लेकिन उस आदेश का पालन नहीं किया गया. मामले के बाद यूपी सीएम ने देवरिया के डीएम सुजीत कुमार को हटा दिया गया है.

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