SAUDI ARAB में योग को मिला खेल का दर्जा, पहली योग ट्रेनर NOUF MARWAAI को क्यों जाता है इसका श्रेय?

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Saudi Arabia
Nouf Marwaai (PIC COURTESY: ANI NEWS )

Yoga को दुनिया भर में अपनाए जाने के बाद अब इस्लामिक देश Saudi Arabia भी इसके महत्व का मुरीद हुए बिना नहीं रह पाया. सऊदी अरब की ट्रेड ऐंड इंडस्ट्री मिनिस्ट्री ने Sports Activity के तहत योग सिखाने को आधिकारिक मान्यता दे दी है. सऊदी में अब लाइसेंस लेकर योग सिखाया जा सकेगा. Nouf Marwaai नामक महिल पहली मान्यता प्राप्त योग ट्रेनर बन गई हैं.

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नोफ ने योग को खेल का दर्जा दिलाने के लिए लंबे समय तक अभियान चलाया था. योग को खेल के तौर पर सऊदी में मान्यता दिलाने का श्रेय भी उन्हें दिया जा रहा है.  वे 19 साल की उम्र से योग का सीखा रही हैं और उसका प्रचार कर रही हैं. योग सीखने के लिे वे भारत भी आईं और इसके बाद योग को बढ़ावा देने का फैसला किया.

अरब योगा फाउंडेशन की फाउंडर नोफ का मानना है कि योग और धर्म के बीच किसी तरह का कॉन्फ़्लिक्ट नहीं है. हालांकि योग सिखाने के लिए नोफ को कई तरह की परेशानियों और विरोध का सामना भी करना पड़ा. उन्हें जान की धमकियां भी मिली लेकिन उन्होंने अपनी कोशिश बंद नहीं की. उन्हें 2010 में सऊदी अरब की पहली सर्टिफाइड योग और आयुर्वेद शिक्षक का सर्टिफिकेट मिला.

 


मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक  सऊदी प्रशासन ने योग को खेल गतिविधियों में शामिल करते हुए इसे सिखाने की अनुमति दे दी है. अब अगर कोई योग का प्रचार या उसकी शिक्षा देना चाहता है तो वो लाइसेंस लेकर ऐसा कर सकता है.

सऊदी अरब में योग को खेल का दर्जा ऐसे समय में दिया गया है जब भारत और कई दूसरी जगहों के मुस्लिम अपने धार्मिक नेताओं के दबाव में योग करने से इनकार कर रहे हैं. उनका दावा है कि योग ‘गैर-इस्लामिक’ है.

 




एक फेसबुक पोस्ट के जरिये मारवाई ने दावा किया, ‘ योग जिसका मतलब जोड़ होता है. यह शरीर से मन का मिलन, भावनाओं और आत्मा का मिलन का अभ्यास है. यह एक देश से होते हुए वैश्विक स्तर पर पहुंचते हुए सऊदी अरब भी पहुंच चुका है. इसने कट्टपंथी विचारधारा के बंधनों को तोड़ दिया है.’ 

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भारत भले ही योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दिलाने में कामयाब रहा लेकिन यहां के मुस्लिम भी इसे अपने धर्म के खिलाफ मानते हैं. 2014 में नरेंद्र मोदी सरकार के आने के बाद 27 सितंबर 2014 को संयुक्त राष्ट्र महासभा में योग को वैश्विक तौर पर मान्यता मिली थी. 21 जून को हर साल विश्व भर में योग दिवस मनाया जाता है.

सऊदी अरब जैसे कट्टर इस्लामिक देश का ये कदम वाकई हैरान कर देने वाला है. सऊदी अरब एक ऐसा देश है जहां औरतों को बहुत कम आजादी दी गई है. लम्बी लड़ाई के बाद अभी हाल ही में वहां की महिलाओं को ड्राइव करने की आजादी मिली है.

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