CASTING COUCH पर ये कैसा बयान दे दिया फिल्म इंडस्ट्री की सम्मानित कोरियोग्राफर SAROJ KHAN ने

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Casting Couch
Veteran choreographer saroj khan defended casting couch

सब हैरान है कि फिल्म इंडस्ट्री की सम्मानित कोरियोग्राफर Saroj Khan ने Casting Couch पर यह कैसा बयान दे दिया? एक महिला होने के नाते उन्हें इन बातों का विरोध करना चाहिए इसके उलट उन्होंने इसका समर्थन कर रही हैं. उन्होंने कास्टिंग काउच के समर्थन में कहा कि यह आपसी सहमति से होता है और कम से कम लोगों को रोजी-रोटी तो मिल जाती है.




सरोज खान ने एक सवाल के जवाब में कहा- यह बाबा आदम के जमाने से चला आ रहा है. हर लड़की के ऊपर कोई न कोई हाथ साफ करने की कोशिश करता है. सरकार के लोग भी करते हैं. तुम फिल्म इंडस्ट्री के पीछे क्यों पड़े हो? वो कम से कम वो रोटी तो देती है. रेप करके छोड़ तो नहीं देते.”

उन्होंने कहा कि- ये लड़की के ऊपर है कि तुम क्या करना चाहती हो. तुम उसके हाथ में नहीं आना चाहती हो तो नहीं आओगी. तुम्हारे पास आर्ट हो तो तुम क्यों बेचोगी अपने आप को? फिल्म इंडस्ट्री को कुछ मत कहना, वो हमारा माई-बाप है.”




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सरोज खान ने यौन अपराधियों के खिलाफ शुरु किए गए ‘Me Too ‘ अभियान के मद्देनजर महिलाओं को जिम्मेदार ठराया और कहा कि कास्टिंग काउच किसी के लिए भी कोई नई बात नहीं है. हालांकि उनकी इस बात का वीडियो वायरल होने के बाद उन्होंने माफी मांग ली.




के इस बयान पर चौतरफा उनकी आलोचना शुरु हो गई. उन्होंने कहा कि किसी भी महिला को इसके पक्ष में बोलने और इसको लेकर इंडस्ट्री में काम कर रही हमारी बहन-बेटियों के अधिकार को नीचा दिखाने का हक नहीं है.

कमल हासन का कहना है कि ‘हर एक महिला को ना कहने का हक है. उसे इस बात का अधिकार है कि इंडस्ट्री में फैले कास्टिंग काउच का पुरजोर विरोध कर सके.

तेलगू फिल्म इंडस्ट्री में कास्टिंग काउच संस्कृति के खिलाफ निवस्त्र होने वाली अभिनेत्री श्री रेड्डी ने कहा कि-आपने सम्मान खो दिया है सरोज मैम, बड़ी होने के नाते आपको नई अभिनेत्रियों को सही रास्ता दिखाना चाहिए. यह गलत संकेत दे रहा है आपको निर्माता का गुलाम बनना होगा.

हालांकि सरोज खान के इस बयान पर कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने आगे जोड़ते हुए कहा कि कास्टिंग काउच से संसद भी इससे अछूती नहीं है. उन्होंने कहा कि कास्टिंग काउच सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री में ही नहीं है.

रेणुका ने कहा कि यह एक कड़वा सच है और हर जगह होता है. यह मत समझिए कि संसद इससे अछूती है या अन्य कार्यस्थल बचे हुए हैं. उन्होंने कहा कि अब वक्त आ गया है कि भारत में भी ‘मी टू’ कहा जाए..

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