SPANISH ARTIST ने पीरियड के TAB00 को तोड़ने के लिए कैसे बनाई पेटिंग

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हिन्दुस्तान में जहां अभी Periods को लेकर बात करने में भी शर्मिन्दगी होती है, लड़कियों को Sanitary Napkins प्लास्टिक की काली थैलियों में खरीदने पड़ते हैं, वहीं स्पेन की एक कलाकार ने पीरियड्स और मेन्स्ट्रुअल ब्लड पर Taboo को अपनी पेन्टिग्स का अपनी आर्ट का फोकस बनाया है और कहा है कि ये इसलिए है कि महिलाएं खुद से प्यार करना सीखें –“To promote self-love among women”.

हमारें यहां महिलाएं घर में भी आमतौर पर पीरियड्स को लेकर खुले तौर पर बातचीत नहीं करतीं. ज़्यादार छोटे शहरों और गांवों में तो इस दौरान हाइजीन का भी ध्यान नहीं रखा जाता, इसकी वजह से महिलाओं को बहुत सी बीमारियों का सामना करना पड़ता है. करीब 50 फ़ीसदी लड़कियां पीरियड्स के दौरान स्कूल या कॉलेज पढ़ने नहीं जा पाती या फिर खेलकूद और दूसरी एक्टिविटीज से दूर रहती हैं. घरों में उन्हें पूजा पाठ, समारोहों और किचन से दूर रहने की सलाह दी जाती है .




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पीरियड्स के दौरान लड़की या महिला खुद को अपराध बोध से नहीं देखे बल्कि खुद से प्यार करे, इसलिए विषय बनाया गया है इन पेंटिग्स का. स्पेन की 21 साल की कलाकार Cinta Tort Cartro  ने इस टैबू विषय को अपने दिल से जोड़ कर कैनवास पर उतारना शुरु कर दिया है. इन पेंटिग्स में मेनस्ट्रुल ब्लड से सने अंडरवियर, बॉडी पर स्ट्रेच मार्क्स को शरीर की बदसूरती या कमी से खूबसूरती के अहसास में बदलने की कोशिश की गई है .”Body images” issues  का खुद सामना करने वाली Cinta  ने अपनी पेंटिग्स के विषय पर लिखा है “ I’m not disgusted by my stains”.




पेशे से टीचर Cinta चाहती हैं कि महिलाओं अपने शरीर को जैसा है , वैसा ही स्वीकार करे और कोई शर्मिन्दगी महसूस नहीं करें. उन्होंनें सात महीने पहले अपना ये काम शुरु किया और अंडरवियर पर मेन्स्ट्रूअल ब्लड दिखाने के लिए चमकीले इन्द्रधनुषी रंगों का इस्तेमाल किया. इस काम के लिए उन्होंनें कई मॉडल्स पर भी ये प्रयोग किए जिसे प्रशंसा मिली है .इसमें एक मॉडल के पैरों पर वो ख़ून बहता दिख रहा है . एक पेंटिग में बहुत से blood stains  को रंग दिए हैं क्योंकि वो उनका सबसे बड़ा खौफ़ हुआ करता था – “Bleeding onto her clothes during Period.”Cinta  कहती हैं कि स्कूल के दौरान क्लास की कुर्सी पर खून के निशान के डर उनके मन में समाए रहते थे. इसलिए मैंने तय किया कि लड़कियों के अंडरवियर्स को नये रंग दूं ताकि ये समझा सकूं कि जब उस पर दाग़ लगते हैं तो कुछ खास नहीं होता. उन्होंनें कहा कि ये सोचना कि महिलाओं के “Stretch Marks”नहीं होगा ठीक नहीं है और इस पर भी दोबारा से सोचने की ज़रुरत है .

 

(Courtesy-Daily Mail)