BEAUTY CONTEST ने कैसे बदल दिया आर्मी ऑफिसर की पत्नी SONIKA SHARMA के जीने का मकसद

1216

एक Beauty Contest जीतने के बाद आमतौर पर महिलाओं के लिए मॉ़डलिंग और एक्टिंग के रास्ते खुल जाते हैं लेकिन Sonika Sharma के साथ कुछ और हुआ. आर्मी ऑफिसर की पत्नी सोनिका MRS INDIA EARTH  NORTH 2017 का टाइटिल तो जीत गईं लेकिन इस कांटेस्ट ने उनके लिए जीने के मायने बदल दिए.




‘Mrs India Earth North2017′ प्रतियोगिता’ में 1000 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया था. इनमें सोनिका शर्मा समेत 48 का चयन हुआ था, वह अकेली महिला हैं जो प्रतियोगिता में जम्मू-कश्मीर का प्रतिनिधित्व कर रही थीं.

वे जब इस कांटेंस्ट की तैयारी कर रही थी तभी उन्हें एहसास हुआ कि सिर्फ शारीरिक या बाहरी सुंदरता का कोई मायने तब तक नहीं है जब तक आप आंतरिक तौर पर सुंदर नहीं है या आपका मन किसी और के लिए संवेदनशील नहीं है.




कांटेस्ट जीतने के बाद यह तय कर लिया कि अब अपनी जिंदगी को कोई और रुख देंगी. पति आर्मी में हैं, आर्मी के जवानों के परिवारों पर क्या गुजरती हैं इस बारे में जानती थीं लेकिन इसे तब तक पति करीब से महसूस नहीं किया था जब तक उनके पति का ट्रांसफर भी बॉर्डर पर नहीं हुआ था.

MUST READ: SINGLE MOTHER के लिए क्यों मुश्किलें है जमाने में?

वे कहती हैं मैं तब तक इस बात की गंभीरता से वाकिफ नहीं थीं. मेरी जिंदगी एक सामान्य आर्मी ऑफिसर की पत्नी की तरह थी. लेकिन जब जम्मू-कश्मीर के अखनूर में पति का तबादला हुआ तो सैनिकों के परिवार वालों की मुश्किलों को सामने से देखा. कांटेंस्ट जीतने के बाद यहां War Widows से मुलाकात हुई तो जिंदगी को मानो एक मकसद मिल गया.




वे शहीद जवानों की विधवाओं के लिए काम करने के लिए आगे आईं. Sonika Sharma बताती हैं कि वैसे तो आर्मी की तरफ से इन महिलाओं को पूरा सपोर्ट किया जाता है, उन्हें कोई आर्थिक समस्या भी नहीं आती लेकिन कई बार कम पढ़ी-लिखी होने या दूसरे कारणों से ऐसी महिलाएं अपने अधिकारों के प्रति जागरुक नहीं होती.

SEE THIS: UPSC की परीक्षा में सफलता पाने के लिए अपने डेढ़ साल के बच्चे से एक साल रही दूर ANU KUMARI

हम कोशिश करते हैं कि इन महिलाओं की हर तरह से मदद की जाए जिससे कि वे पूरे आत्मविश्वास से अपना आगे का जीवन चला सकें. एक्स सर्विसमैन मिलकर एक वेबसाइट चलाते हैं साझा मोर्चा मैं उसके वूमेन विंग की प्रेसिडेंट हूं और हम शहीद की विधवाओं से जुड़े समस्याएं सुलझाते हैं.

वे कहती हैं-आर्मी ऑफिसर की पत्नी होने के नाते मैं उनके जीवन को करीब से देखती हूं. खासकर जब बॉर्डर पर पोस्टिंग होती है तो जिंदगी कुछ और होती है.

जब कोई जवान बॉर्डर पर तैनात होता है तो उसके परिवार की देखभाल हम अपनी जिम्मेदारी मानते हैं. उनकी पत्नियों के साथ समय-समय पर बातचीत करके उनकी परेशानियों का हल निकालने की कोशिश करते हैं.

यदि किसी के पति बॉर्डर पर होते हैं तो पूरा परिवार चितिंत होता है. मैं खुद भी चिंता में रहती हूं जब मेरे पति भी कई-कई दिन घर नहीं लौटते, लेकिन हम एक दूसरे को मानसिक संबल और साहस देते हैं.

READ MORE: खामोशी से काम करने वाली FARHA NAZEER को उनके इलाके के लोग मदर टेरेसा कहकर क्यों बुलाते हैं?

जब मैं इन महिलाओं से मिलती हूं तो लगता है हमारे पास सबकुछ है लेकिन हम फिर भी खुश नहीं. लेकिन वे महिलाएं किस तरह की मुश्किलों का सामना करती हैं हम उनसे सीखते हैं.

सोनिका अखनूर में एक अनाथ आश्रम के साथ भी जुड़ी हैं जहां समय-समय पर जाकर वे खुशियां बांटती हैं. वे ऑर्मी के प्री प्राइमरी स्कूल की प्रिंसिपल भी हैं और पढ़ाने का काम भी करती हैं.

मेरठ में जन्मीं और पली-बढ़ी सोनिका शर्मा की स्कूलिंग शहर के सेंट थॉमस स्कूल से हुई. बाद की पढ़ाई आरजी व एनएएस कॉलेज से की. आर्मी अफसर योगेश शर्मा के साथ उनकी शादी हुई.

सोनिका की 12 साल की बेटी अनुरिमा और नौ साल का बेटा अभिमन्यु है. वे कहती हैं, उन्होंने जो करना चाहा पति ने हरसंभव सहयोग दिया.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें