सोनिया गांधी ने कहां लिखा– MISS YOU RAJIV JI

2430
sonia_rajiv
सोनिया गांधी के इंस्टाग्राम अकाउंट पर पोस्ट की गई फोटो

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी आमतौर पर बड़ी Secret निजी जिंदगी जीती हैं. उनके बारे में भनक भी नहीं लगती कि वे निजी जिंदगी में क्या कर रही हैं और उनकी हेल्थ कैसी है? लेकिन हाल ही में उनके नाम से बने Instagram Account  उनके निजी जीवन के खूबसूरत लम्हे सामने आए हैं. सोनिया गांधी के इंस्ट्ग्राम अकाउंट पर कुछ फोटोज पोस्ट की गई हैं जिसमें वे राहुल, प्रियंका और राबर्ट वाड्रा के साथ हैं. एक फोटो में वे सूप पीती दिखाई दे रही हैं तो एक खूबसूरत फोटो उनकी किसी रैली का हिस्सा है जिसमें उनकी कार पर फूल बरसते दिख रहे हैं लेकिन जो फोटो सबको बीते दिनों की याद दिला रही है वह है राजीव गांधी के साथ उनकी बेहद खूबसूरत फोटो. इस फोटो में वे राजीव गांधी के कंधे पर सिर रखकर बैठी हैं और दोनों बहुत शांत दिख रहे हैं. फोटो पर कैप्शन दिया गया है …….Miss You Rajiv Ji

कैसी थी सोनिया-राजीव की Love Story…




बात 1965 की है, जब राजीव गांधी दोस्तों के साथ कैंम्ब्रिज के एक रेस्टोरेंट पहुंचे थे. दोस्तों के बीच मस्ती चल रही थी कि अचानक,  वहां उनकी मुलाकात एन्टोनिया मैनो यानी अब की सोनिया गांधी से हो गई. जो उसी रेस्टोरेंट में काम करती थीं. सोनिया की राजीव से नजरें चार क्या हुईं कि दोनों के दिल एक दूसरे के लिए धड़क उठे. फिर ये पहली मुलाकात कब प्यार में तब्दील हो गई,  दोनों को इसका अंदाज़ा भी नहीं हुआ.




बात जब शादी तक पहुंची तो सोनिया को पता चला कि राजीव गांधी कोई और नहीं, बल्कि भारत के सबसे बड़े राजनीतिक घराने गांधी परिवार से ताल्लुक रखते हैं. राजीव के प्यार ने उन्हें इतना दीवाना बना दिया था कि उन्होंने लेटर लिखकर राजीव के बारे में अपने घरवालों को बताते हुए कहा था कि मुझे नीली आंखों वाले  एक इंडियन राजकुमार से प्यार हो गया है,  जिसके मैं हमेशा ही सपने देखा करती थी.

1968 में राजीव ने एन्टोनिया मैनो से शादी कर ली. सोनिया गांधी परिवार का हिस्सा बन गईं. राजीव और सोनिया दोनों को सत्ता में दिलचस्पी नहीं थी, इसलिए शादी के बाद राजीव पायलट बन गए. 1980 में अपने छोटे भाई संजय गांधी की मौत और 1984 में  मां इंदिरा गांधी की हत्या से आहत राजीव ने मां की गद्दी संभाली पर उन्हें राजनीति रास नहीं आई. साल 1991 में श्रीपेरुंबदूर की एक सभा में उनकी हत्या कर दी गई. उनकी मौत से सदमे पहुंची सोनिया ने बहुत दिनों तक खुद को राजनीति से दूर रखा. हालांकि, बाद में उन्हें भी अपनी राजनीतिक विरासत संभालनी पड़ी.