कामकाजी महिलाओं के लिए दिल्ली क्यों है सबसे खराब?

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पूर्वोत्रर के राज्य सिक्किम को जिस तरह प्रकृति ने दिल खोलकर खूबसूरती दी है उसी तरह सिक्किम ने यहां काम करने वाली महिलाओं का दिल खोलकर स्वागत किया है. तभी तो कामकाजी महिलाओं के लिए सिक्किम को देश का सर्वोत्तम स्थान माना गया है. यहां महिलाओं के रात में काम करने वाली संबंधी सभी प्रतिबंध हटा लिए गए हैं और उनकी सुरक्षा का पूरा ख्याल रखा जाता है. अमरीकी शोध संस्थान सेंटर फॉर स्ट्रेटजिक एंड इंटरनेशनल स्टडीज (सीएसआईएस) और नाथन एसोसिएट्स की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कामकाजी महिलाओं के लिए पूर्वोत्रर का राज्य सिक्किम एक बेहतरीन जगह है.




दिल्ली क्यों सबसे बदतर ?

कामकाजी महिलाओं के स्थिति को लेकर दिल्ली की स्थिति सबसे बदतर है.इसकी सबसे बड़ी वजह महिलाओं को न्याय मिलने में देरी है. कामकाजी महिलाओं को एक बेहतर माहौल देने के लिए सिक्किम को जहां 40 अंक मिले हैं. जबकि दिल्ली को केवल 8.5 अंक मिले हैं. सिक्किम के बाद तेलंगाना, पुडुचेरी, कर्नाटक, हिमाचल, आंध्रप्रदेश, केरल, महाराष्ट्र, तमिलनाडू और छत्तीसगढ़ है टॉप दस राज्यों में जगह मिली है.




रैंकिंग का आधार क्या?

यौन उत्पीड़न जैसे अपराध पर राज्य में महिलाओं को न्याय किस तरह मिलता है?

कुल कर्माचारियों में महिलाओं की संख्या क्या है?

काम करने के घंटों पर राज्यों के कानूनी प्रतिबंध क्या हैं?

स्टार्टअप शुरु करने वाली बिजनेस करने वाली महिलाओं के लिए क्या सुविधाएं है ?




सिक्किम को इन्हीं मापदंडों पर खरा उतरने के लिए रिपोर्ट में पहला स्थान मिला है. देश के कार्यबल में महिलाओं की भागीदारी दुनिया में सबसे कम महज 24 फीसदी है. अनुमान है कि यदि बड़ी संख्या में महिलाएं कामकाजी हों जाएं तो दस साल में जीडीपी 16 फीसदी बढ़ जाए.