SIKKIM -यहां की खूबसूरती निहारने की ये हैं खास वजहें

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Sikkim
Sikkim, beautiful place to visit

डॉ कायनात क़ाज़ी:

ट्रैवलर, फोटोग्राफर, ब्लॉगर:

दोस्तों Sikkim हमारे देश का एक खूबसूरत राज्य है. मेरी हाल ही में हुई सिक्किम की यात्रा हुई. सिक्किम ऐसा अनोखा राज्य है जहां से विश्व की महानतम पर्वत श्रृंखला-कंचनजंघा देखी जा सकती है.

हिमालय की गोद में बसे होने के कारण इस राज्य को क़ुदरत ने खूबसूरती दोनों हाथों से भर भर के नवाज़ा है. 1975 से पहले तक सिक्किम भारत का हिस्सा न होकर बल्कि एक स्वतंत्र राष्ट्र था. 16 मई 1975 को सिक्किम 22वें राज्य के रूप में भारत का अंग बना.




सिक्किम को चार डिस्ट्रिक्ट में बांटागया है.

  • ईस्ट सिक्किम,
  • वेस्ट सिक्किम,
  • नार्थ सिक्किम
  • साऊथ सिक्किम.
नाथूला पास

ईस्ट सिक्किम में टूरिस्ट अट्रेक्शन हैं गंगटोक और नामची. ईस्ट सिक्किम सामरिक द्रष्टि से बहुत महत्वपूर्ण है. गंगटोक के पास ही थोड़ा ऊपर जाने पर चाइना का बॉर्डर है जिसे नाथूला पास कहा जाता है.

प्राचीन सिल्क रुट भी यही से निकलता था. यहां छांगु लेक Tsongmo Lake है और बाबा हरभजन मंदिर भी है. इसके अलावा ईस्ट सिक्किम वन्य सम्पदा से भी भरा हुआ है. यहां चार वाइल्ड लाइफ सेंचुरी हैं.




बाबा हरभजन मंदिर

वेस्ट सिक्किम को ट्रेकिंग करने वालों की पसंदीदा जगहों एक माना जाता है. यहां दो मुख्य आकर्षण हैं एक पेल्लिंग और दूसरा युक्सोम. पेल्लिंग से कंचनजंघा पर्वतों का नज़ारा बहुत खूबसूरत दिखता है.

यहां का जंगल अभी भी अपनी खूबसूरती बरक़रार रखे हुए है. यहां कई मोनेस्ट्री और वाटर फॉल देखने को मिल जाते हैं. युक्सोम में कई खूबसूरत मोनेस्ट्री हैं.




साऊथ सिक्किम के दो मुख्य आकर्षण हैं. एक नामची दूसरा टेमी टी गार्डन. नामची एक छोटा-सा टाउन है जोकि बौद्ध लोगों का प्रसिद्ध तीर्थस्थान है. यहां बौद्ध संप्रदाय के मशहूर संत पद्मसम्भव की विशाल मूर्ति है. कहते हैं यह संत पद्मसम्भव की विश्व में सबसे लंबी मूर्ति है, जिसकी लंबाई 118 फिट है.

यहां नामची मोनेस्ट्री Namchi Monastery और रालंग मोनेस्ट्री Ralang Monastery भी है. यहां एक रॉक गार्डन भी है. यहां सिदेश्वर चार धाम, एक खूबसूरत साई मंदिर और नामची टाउन छोटा होते हुए भी अपने में बहुत कुछ समेटे हुए है. दक्षिणी सिक्किम में टेमी टी गार्डन भी है इसलिए इसका महत्व इसलिए भी है क्योंकि टेमी टी गार्डन सिक्किम का एक मात्र टी गार्डन है.

Namchi Monastery

अब बात करते हैं उत्तरी सिक्किम की. यह बहुत ऊंचाई पर होने के कारण सबसे कम जनसंख्या वाला भाग है. हम यहां से चीन के साथ काफी लंबी दूरी तक का बॉर्डर शेयर करते हैं इस लिहाज़ से यहां पर काफ़ी जगह रिस्ट्रिक्टेड भी है. बहुत ऊंचाई पर होने के कारण यहां तक पहुंचना बहुत मुश्किल है.

सिक्किम लोअर हिमालय में होने कारण ईकोलॉजिकल सिस्टम के हॉट स्पॉट के रूप में भी जाना जाता है. यहां कई किस्मों के फूल और वनस्पति पाई जाती है. ऑर्केड यहां का राजकीय पुष्प और रोहडेन्डारोंन यहां राजकीय वृक्ष है.

सिक्किम में फूलों की लगभग 5000 प्रजातियां और रोहडेन्डारोंन की 600 प्रजातियां पाई जाती हैं. इसीलिए हर वर्ष मार्च से मई के बीच यहां इंटरनेशनल फ्लॉवर शो का आयोजन होता है.

Sikkim Orchid Show

बाबा हर भजन मंदिर गंगटोक से 191 किलोमीटर दूर नाथांग वैली में छांगु लेक से ऊपर पड़ता है. यह कोई आम मंदिर नहीं है. इसके पीछे छुपी है एक कहानी. यहां के लोगों का मानना है कि बाबा हरभजन एक सच्चे सिपाही थे.

उनकी ड्यूटी बॉर्डर पर थी. एक दिन उनकी गाड़ी गहरे पानी में गिर गई और इस दुर्घटना में उनकी ड्यूटी पर ही अकाल मृत्यु हो गई. लेकिन माना जाता है कि आज भी बाबा की आत्मा यहां ड्यूटी करती है और बॉर्डर पर जवानों की रक्षा करती है.

आज भी उनकी समाधि के बराबर में बाबाजी का कमरा है, जहां रोज़ बाबाजी की यूनिफार्म प्रेस करके रखी जाती है. अगर आप सर्दियों में सिक्किम जाएंगे तो बाबा हर भजन मंदिर के पास ही थोड़ा ऊपर जाने पर फ्रोज़न वॉटर फॉल का अद्भुत नज़ारा देखने को मिल जाता है.

अगर आप इंडो चाइना बॉर्डर और नाथुला पास देखना चाहते हैं तो इसके लिए पहले से परमीशन लेनी होगी. अपनी ID और पासपोर्ट साइज़ फोटोग्राफ लेकर जाएं. एक दिन पहले परमिट के लिए आवेदन करें. इसमें आपका होटल स्टाफ़ पूरी मदद करेगा. याद रखें सप्ताह में किसी एक दिन इंडो चाइना बॉर्डर बंद रहता है. उस दिन को छोड़ कर ट्रिप प्लान करें।

यहां के बॉर्डर से चाइना के साथ हमारा व्यापारिक आदान प्रदान है इसलिए इस यहां आस-पास के लोगों ने कई दुकानें खोल रखी हैं. जहाां से शॉपिंग की जा सकती है. हां कैश साथ लेकर जरुर जाएं.

मोनेस्ट्री वॉल पेंटिंग-सिक्किम में एक से एक ज़बरदस्त मोनेस्ट्री हैं. इन मोनेस्ट्रियों को जीवंतता प्रदान करती हैं थानका पेंटिंग. यह पेंटिंग्स मोनेस्ट्री की वॉल पर बड़ी मेहनत  से बनाई जाती हैं. इन पेंटिंग्स में महात्मा बुद्ध के जीवन की सजीव झलक देखने को मिलती है.

महात्मा गांधी रोड सिक्किम एक तरह से मॉल रोड जैसा है. यहां बड़े बड़े शोरूम और रेस्टोरेंट हैं. गंगटोक आने वाले लोग यहां शाम को चहलक़दमी करना पसंद करते हैं. अगर आप महात्मा गांधी रोड के थोड़ा आगे जाएंगे तो आपको लाल मार्किट दिखेगा जो कि यहां का लोकल मार्किट है जहां से आप काफ़ी सस्ते दामों पर शॉपिंग कर सकते हैं.

सिक्किम सीधे हवाई मार्ग या रेल से नहीं जुड़ा है इसलिए यहां पहुंचना थोड़ा सा मुश्किल है. नज़दीकी एयरपोर्ट बागडोगरा है जो बंगाल में है. यहां से सड़क मार्ग से पहाड़ों को क्रॉस करके सिक्किम पहुंच सकते हैं. अब यह मुश्किल भी आसान हो गई है. आप बागडोगरा से हेलीकॉप्टर से सीधे गैंगटॉक पहुंच सकते हैं. यह सर्विस बहुत ज़्यादा महंगी नहीं है.

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