मेरा पुराना LOVE मुझे क्यों खींच रहा है?

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मैं गुरुग्राम के एक अच्छी कंपनी में नौकरी कर रही हूं और शादीशुदा हूं.मेरे पति भी एक मल्टीनेशनल कंपनी में काम करते हैं. पिछले तीस साल से ज़िंदगी अच्छी चल रही थी लेकिन लगता है अचानक  तूफान आ गया है और उसे रोकना मुश्किल है. 

एक रात 11 बजे मैं अपने दोस्तों के साथ फेसबुक पर चैट कर रही थी. तभी मुझे एक मैसेज मिला कि वो मुझसे बात करना चाहता है, फोन नंबर चाहिए. मैंनें देखा तो समझ आया कि मेरे कालेज के शुरुआती दिनों का फ्रेंड है, चेहरा बदल गया है लेकिन फिर भी पहचान गई . उससे मेरी ठीक सी दोस्ती रही थी कालेज में. हम अक्सर बाहर चार-कॉफी पीया करते थे. दोनों को एक दूसरे का साथ अच्छा लगता था लेकिन बात उससे आगे नहीं बढ़ी.

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पोस्टग्रेजूएशन के लिए वो मुंबई चला गया और मैं दिल्ली यूनिवर्सिटी में जहां मुझे मेरे पति मिले और फिर शादी हो गई. पता चला कि उसने भी मुंबई में शादी कर ली है. लेकिन पांच साल बाद इत्तिफाक से हम फिर मिल गए फेसबुक पर. रोजाना ही बात होने लगी फोन पर. दो महीने पहले जब वो दिल्ली आया तो उसने एक फाइव स्टार में कॉफी पर बुलाया, मैं इंकार नहीं कर सकी. इत्तिफाक से उस शाम मेरे पति भी दिल्ली में नहीं थे. कॉफी के बाद हमने डिनर भी साथ किया और जब रात साढ़े 11 बजे वो मुझे छोड़ रहा था तो उसने कहा कि मैं तुमसे बहुत प्यार करता था कालेज के वक्त भी और आज भी. मुझे भी वो हमेशा अच्छा लगता था, लेकिन तब दोनों में से किसी ने हिम्मत नहीं दिखाई थी.  




अब जब उसने कहा तो मेरे अंदर भी पुरानी भावनाएं दौड़ गईं. शरीर में तेज झुरझुरी महसूस हुई. घर पर ड्रॉप करते वक्त उसने अपनी बांहों में घेर कर एक डीप किस किया तो मैं रोक नहीं पाई. मैंने भी जवाब में होठ लगा दिए.

उस रात मुझे नींद ही नहीं आई. अगले दिऩ फिर उसका फोन आ गया. रविवार था तो हम दोनों ही दिन भर घूमते रहे और रात को जब घर लौटे तो उसने छोड़ने से पहले मुझे ड्रईंगरुम के सोफे पर गिरा दिया और बेतहाशा प्यार करने लगा. पूरी तरह से भीग गई थी मैं. सांसें दौड़ रहीं थी. अगले दिन वो मुंबई चला गया, मेरे पति भी लौट आए लेकिन अब हर दिन लगता है कि हम करीब होते जा रहे हैं.




समझ ही नहीं आ रहा कि क्या करूं? मेरा वो पुराना love मुझे अपनी ओर खींच रहा है. क्या पुराने प्यार के पास लौट जाऊं या फिर अपनी शादीशुदा ज़िंदगी में आते तूफान को रोक दूं ..क्या आप में से कभी किसी के साथ ऐसा हुआ है , मुझे सलाह दीजिए या फिर क्या मुझे किसी साइकोलोजिस्ट के पास जाना चाहिए? 

(सवाल पूछने वाले का नाम हमने जान-बूझ कर नहीं दिया है. यदि आपके पास है इस सवाल का जवाब तो इनकी समस्या सुलझा दीजिए.)

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