सऊदी अरब में WOMEN DRIVING से बैन हटने पर महिलाएं गाड़ी लेकर सड़कों पर उतरीं – 2020 तक 30 लाख महिलाओं के गाड़ी चलाने का अनुमान

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Women Driving
Samar Al-Moqren drives her car through the streets of Riyadh for the first time after midnight. (AFP)

रविवार यानी आज के दिन से सऊदी अरब में Women Driving से बैन हटते ही  टीवी एंकर Samar Al-Moqren  रियाद (Riyadh) की सड़क पर अपनी कार लेकर उतर गईं. उन्होंने इस पल को भरपूर इंज्वाय किया और महिलाओं को यह आजादी मिलने की खुशी जताई.

उनके साथ-साथ कई महिलाएं पल-पल इस बैन के हटने का इंतजार कर रही थीं. Women Driving से बैन हटने की खबर मिलते ही कई महिलाएं अपनी-अपनी कार लेकर निकल पड़ीं.

वे Tweet कर सऊदी अरब में महिलाओं को आधिकारिक तौर पर Right to Drive मिलने की खुशी को सेलिब्रट कर रही हैं और इस पहल की सराहना कर रही हैं.

Women Driving से बैन हटने के साथ ही Saudi Arabia की महिलाओं के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बन गया है. सऊदी अरब में 60 साल बाद महिलाओं के लिए Four Wheeler चलाने का रास्ता साफ हो गया है.

Women Driving से बैन हटने के साथ ही  महिलाओं को आधिकारिक तौर पर ड्राइविंग करने (Right to Drive) की इजाजत मिल गई है. इस नई पहल के लिए देश में पहले से तैयारियां चल रही थीं.




Saudi Arabia दुनिया का इकलौता ऐसा देश था जहां महिलाओं को Driving की इजाजत नहीं थी. रविवार के बाद से यह देश महिलाओं को Right to Drive आजादी देने वाला आखरी देश बन गया है.

कट्टरपंथी माने जाने वाले इस देश में महिलाओं के लिए कई तरह की पाबंदी है. ड्राइविंग पर से बैन हटा कर इस देश ने  उदार रवैया अपनाने की कोशिश की है. एक अनुमान है कि 2020 तक सऊदी अरब में 30 लाख से ज्यादा महिलाएं गाड़ी चलाने लगेंगी.




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सऊदी अरब ने सितंबर 2017 में महिलाओं के गाड़ी चलाने पर लगे प्रतिबंध को हटाने और महिलाओं को Right to Drive देने का ऐलान किया था. यह फैसला Crown Prince Mohammed bin Salman के विजन 2030 कार्यक्रम का हिस्सा है.  उन्होंने जून 2018 तक इस आदेश को लागू करने की बात कही थी और इस तरह अपना वादा भी निभाया.




मीडिया रिपोर्टस के मुताबिक Women Driving पर से बैन हटने के बाद महिलाएं सिर्फ कार ही नहीं बल्कि वैन, ट्रक और बाइक भी चला सकेंगी. हालांकि प्राइवेट गाड़ी चलाने के लिए ड्राइवर की आधिकारिक उम्र 18 साल और पब्लिक ट्रांसपोर्ट चलाने के लिए 20 साल की उम्र तय की गई है.

मीडिया रिपोर्टस में कहा गया है कि रविवार के लिए प्रशासन ने खास तैयारियां की. महिलाओं को ड्राइविंग के नियम सिखाए गए. उनकी गाड़ी की पार्किंग के लिए खास गुलाबी रंग के पार्किंग स्थल बनाए गए हैं.

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साथ ही इस बात का ध्यान रखा गया है कि पार्किंग स्थल में प्रवेश करने वाली महिलाओं के लिए Exit Gate भी वहीं हो. जिससे महिलाओं को किसी तरह की परेशानी नहीं हो.

महिलाओं को गाड़ी चलाने की यह आजादी हासिल करने का सफर इतना भी आसान नहीं था. इसके लिए महिलाओं ने 28 साल का संघर्ष किया है. 1990 में पहली बार 47 महिलाओं ने नियम तोड़ते हुए गाड़ी चलाई तो सभी को गिरफ्तार कर लिया गया.

सामाजिक कार्यकर्ता मानल अल शरीफ को ड्राइविंग का वीडियो यूट्यूब पर डालने के कारण जेल भेज दिया गया था. वहीं ड्राइविंग के लिए संघर्ष करने वाली जानी-मानी कार्यकर्ता Loujain al-Hathloul भी 73 दिनों तक जेल में रहना पड़ा था.

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