हर काम के लिए पति-पत्नी के बीच न करे अपने FRIEND को शामिल

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जूली जयश्री:

सुनो आज मेरी Friend आ रही है तुम ही उसे स्टेशन से पिक कर लेना. मेरे पास समय नहीं है तुम मेरे Friend के साथ ही पार्टी में चली जाना. कहीं आप भी तो नहीं कर रहे ऐसी गलती. जाने अनजाने कहीं आप अपने Friend को वो मौका तो नहीं दे रहे जिसके लिए बाद में पछताना पड़े




सुनकर शायद आपको भरोसा न हो लेकिन दोस्त को लेकर दिखाया गया थोड़ा सा उदार रवैया धीरे धीरे आपके दांपत्य में अपनी जगह भी बना सकता है. यदि आप को भी हर काम के बीच दोस्तों को शामिल करने की आदत है तो हो जाइये सावधान .

समाजशास्त्री डॉ.नीलम सक्सेना कहती हैं कि आज कल Friends की वजह से शादी खतरे में पड़ने जैसे मामलों में तेजी से बढोतरी हो रही है. मेरे पास कई ऐसे केसेज आए हैं जिसमें पति या पत्नी ने खुद ही आगे बढकर अपने दोस्त को परिवार का हिस्सा बनाया और बाद में इसकी वजह से तलाक तक की नौबत आ गई .




डॉ. नीलम कहती हैं कि आज की माडर्न लाइफ स्टाइल ने रिलेशन में बेहद खुलापन ला दिया है. पति या पत्नी बड़ी सहजता से एक दूसरे के दोस्त को अपनी लाइफ में स्पेस दे रहे हैं. पत्नी बेझिझक अपने सहेली के किसी काम की जिम्मेदारी पति को सौंप देती है वहीं पति को भी अपने दोस्तों के साथ किसी काम से भेज देने में कोई आपत्ति नहीं.

लेकिन कई बार यही परिस्थिति इस तरह के हालात पैदा कर देते हैं कि शादी का भरोसा दरकने लगता है. रिश्तों के प्रति ये खुलापन एक हद तक तो सही है लेकिन इसका दायरा कहां तक हो इसे भी समझना बहुत जरुरी है. पति पत्नी के संबंध में किसी और के लिए बहुत ही लिमिटेड स्पेस होता है. फिर चाहे वो आपका या आपके पार्टनर का अजीज दोस्त या करीबी ही क्यों न हो.




पति हो या पत्नी अपोजिट जेंडर के दोस्त के साथ वक्त बिताना उनके बीच कंफर्टेबलिटी पैदा कर सकता है. मामला आकर्षण या फिजिकल रिलेशन का भी हो सकता है.

ह्यूमन साइकॉलाजी  है कि हमारे पास जो कुछ भी है उसकी अहमियत से ज्यादा जो नहीं है उसकी तलाश में भटकता रहती है, ऐसे में यदि किसी और को जानने समझने का वक्त दिया जाए तो उसकी तरफ आकर्षित हो जाना स्वभाविक है .

दोस्ती ,प्रेम ,भरोसा, साझेदारी ये सब वो कीवर्ड हैं जो हमारे जीवन को खूबसूरत बनाते हैं, लेकिन इस खूबसूरत से रिश्ते की डोज का भी एक लिमिटेशन रखना बेहद जरुरी होता है जरा सा बैलेंस बिगड़ा नहीं कि रिश्ते का जायका खराब होने में वक्त नहीं लगता. अपनी सहेली या पति के दोस्त से दोस्ती रखिए लेकिन एक हद तक.

आप किसी ऐसी मुश्किल में न पड़े इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है-

1-दोस्त को वेवक्त घर आने की इजाजत न दें .

2- पति को सहेली की कोई जिम्दारी देने से बचें

3-किसी पर कितना भरोसा रखना चाहिए इसे लेकर सतर्क रहें.

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