PRESIDENT HOUSE में उस आधी रात को RASHTRAPATI ने क्या कर दिया ?

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meira_kumar_ramnath kovind
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रामनाथ कोविंद देश के नए राष्ट्रपति हैं. एनडीए सरकार के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद के सामने, यूपीए की तरफ से पूर्व लोकसभा अध्यक्ष बिहार की मीरा कुमार थीं लेकिन जैसा की राष्ट्रपति चुनावों के इतिहास को देखा जाए तो हमेशा ही सत्ता में बैठी पार्टी के उम्मीदवार ही राष्ट्रपति भवन पहुंचते हैं उसी हिसाब से रामनाथ कोविंद देश के 14 वें राष्ट्रपति बन गए हैं राष्ट्रपति पद देश में कितना अहम है यह समझना है तो जानिए 25 जून 1975 की आधी रात को राष्ट्रपति भवन में ऐसा क्या हुआ जिसने पूरे लोकतंत्र को ही खत्म करने की साज़िश रच डाली थी.

जानते हैं 10 सबसे रोचक तथ्य –

  • अभी रिटायर होने वाले देश के 13 वें राष्ट्रपति डा प्रणब मुखर्जी को बचपन से ही राष्ट्रपति भवन के घोड़े इस हद तक पसंद आते थे कि वे अगले जन्म में ऐसा ही घोड़ा बनना चाहते थे,लेकिन उनकी दादी ने कभी कहा था कि राष्ट्रपति भवन पहुंचने के लिए तुम्हें अगला जन्म नहीं लेना पड़ेगा और वो बात सही साबित हुई.
  • देश के पहले राष्ट्रपति राजेन्द्र प्रसाद अकेले व्यक्ति हैं जो सबसे लंबे समय तक और दो बार राष्ट्रपति रहे. वैसे वे तीन बार राष्ट्रपति रहे.  जनवरी 1950 से 1952, तक वे अंतरिम राष्ट्रपति भी रहे, फिर 1952-62 तक दो बार राष्ट्रपति, लेकिन शायद बहुत कम लोग जानते होंगें कि प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरु राजेन्द्र प्रसाद को राष्ट्रपति बनाना ही नहीं चाहते थे.वे सी राजगोपालाचारी के पक्ष में थे, लेकिन उप प्रधानमंत्री सरदार बल्लभ भाई पटेल ने राजेन्द्र प्रसाद को ज़्यादा योग्य माना और कांग्रेस सांसदों की बैठक में उन्हीं के पक्ष में जब समर्थन दिखा,तो नेहरु ने अपनी हार मान ली.
  • देश में अब तक बने 13 राष्ट्रपति में से सिर्फ़ 7 राजनीतिक दलों से सीधे जुड़े रहे और इऩमें से 6 कांग्रेस के थे. अकेले नीलम संजीव रेड्डी को जनता पार्टी ने चुना था .रेड्डी अकेले निर्विरोध चुने जाने वाले राष्ट्रपति तो हैं ही, लेकिन रोचक बात ये है कि 1969 के राष्ट्रपति चुनाव में वे कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार थे लेकिन तब प्रधानमंत्री रहीं इंदिरा गांधी ने उऩके ख़िलाफ़ वी वी गिरी को अपना उम्मीदवार बना दिया और लोगों को अपनी अंतरआत्मा की आवाज़ पर वोट देने को कहा.कांग्रसे के अधिकृत उम्मीदवार होते हुए भी नीलम संजीव रेड्डी चुनाव हार गए.लेकिन 1977 में जब जनता पार्टी ने रेड्डी को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया तो कांग्रेस ने भी उन्हें समर्थन दिया . रेड्डी सबसे युवा 65 साल के राष्ट्रपति भी रहे हैं.
  • आठवें राष्ट्रपति आर वेंकटरामन 1987 से 1992 तक राष्ट्रपति भवन में रहे और उनके कार्यकाल के दौरान ही देश में एक पार्टी (कांग्रेस) के शासन से गठबंधन सरकारों का दौर शुरु हुआ. इस दौरान चार प्रधानमंत्री राजीव गांधी, विश्वनाथ प्रताप सिंह, चन्द्रशेखर और पी वी नरसिम्हाराव प्रधानमंत्री रहे ,इसमें से तीन को वेंकटरामन ने शपथ दिलाई.1992 से 97 तक राष्ट्रपति रहे डॉ शंकर दयाल शर्मा के कार्यकाल में भी चार प्रधानमंत्री नरसिंह राव, अटल बिहारी वाजपेयी, एच डी देवेगौड़ा और इन्द्र कुमार गुजराल  रहे. शंकर दयाल शर्मा की वाजपेयी को बिना बहुमत की जांच किए शपथ दिलाने को लेकर काफी आलोचना भी हुई थी.
  • पंजाब के मुख्यमंत्री और देश के गृहमंत्री रहे राष्ट्रपति ज्ञानी जैल सिंह के दौरान ही आपरेशन ब्लू स्टार हुआ. ज्ञानी जैल सिंह ने एक बार कहा बताया कि वे राजीव गांधी कहेंगें तो झाड़ू लगाने को भी तैयार होंगें ,लेकिन बाद में रिश्तों में खटास आने पर उन्होंनें राजीव गांधी को ही प्रधानमंत्री पद से हटाने की कोशिश भी की.
  • दसवें राष्ट्रपति के आर नारायणन पहले दलित राष्ट्रपति रहे और राष्ट्रपति चुनाव में उन्हें अब तक के सबसे ज़्यादा 9 लाख 56 हज़ार 290 वोट मिले,जो कुल वोट के 94.97 प्रतिशत वोट थे .उन्होंनें यह चुनाव पूर्व मुख्य चुनाव आयुक्त टी एन शेषन के ख़िलाफ़ जीता. नारायणन और तब के प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के बीच गुजरात दंगों को लेकर काफी विवादास्पद खतो-खिताबत हुई थी.
  • प्रधानमंत्री के साइंटिफिक एडवाइज़र रहे ए पी जे अब्दुल कलाम को प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने अपने पहले कार्यकाल में सरकार में मंत्री बनाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन उन्होंनें इसलिए इंकार कर दिया क्योंकि वे तब एक अहम मिसाइल अभियान में लगे थे. कलाम को पीपुल्स प्रेसिडेंट कहा जाता है.
  • डा ज़ाकिर हुसैन और फखरुद्दीन अली अहमद ऐसे दो राष्ट्रपति रहे जिनका निधन अपने कार्यकाल के दौरान ही हो गया. फखरुद्दीन अली अहमद पर प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के कहने पर आधी रात को इमरजेंसी लगाने की अधिसूचना पर दस्तखत करने का आरोप छाया रहा.
  • अब तक चार राष्ट्रपति ऐसे हैं जिन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया गया है ,इनमें सबसे पहले एस राधाकृष्णन को 1954 में, राजेन्द्र प्रसाद को 1962 में, ज़ाकिर हुसैन को 1963 में और एपीजे कलाम को 1997 में भारत रत्न मिला था.
  • राष्ट्रपति बनने से पहले नीलम संजीव रेड्डी (आंध्र प्रदेश), ज्ञानी जैल सिंह (पंजाब) और डा शंकर दयाल शर्मा (मध्यप्रदेश) के मुख्यमंत्री रहे. देश की पहली महिला राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल राष्ट्रपति भवन पहुंचने से पहले राजस्थान की पहली महिला राज्यपाल भी रहीं. उनके अलावा डा शर्मा (आंध्रप्रदेश, पंजाब और महाराष्ट्र )भी राज्यपाल रहे हैं और अब रामनाथ कोविंद बिहार के राज्यपाल रह चुके हैं.