क्या मेरठ रैली से 2019 के लिए अपना खोया जनाधार फिर से जुटा पाएंगी MAYAWATI?

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Mayawati
Mayawati ,Former Chief Minister of Uttar Pradesh

बसपा प्रमुख Mayawati आज मेरठ में महारैली करेंगी. इसे 2019 के लोकसभा चुनाव की तैयारी के तौर पर देखा जा रहा है. रैली में जहां उनके निशाने पर केंद्र की नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार का कामकाज होगा वहीं इसके बहाने वे अपने खोए जनाधार को फिर से साधने की कोशिश करेंगी. 

मायावती पहले मेरठ में पार्टी के बड़े नेताओं के साथ तीन मंडलों की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक करेंगी और उसके बाद रैली में शामिल होंगी. रैली को लोकसभा चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है. रैली में सहारनपुर, मेरठ और मुरादाबाद मंडल के दलित, किसान, मजदूर और मुस्लिमों के शामिल होने की संभावना है. इसलिए माना जा रहा है कि इसके जरिए मायावती अपने जनाधार को साधने की कोशिश करेंगी.




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रैली में दलित उत्पीड़न का मुद्दा ही सबसे अहम होगा क्योंकि मायावती ने सहारनपुर के शब्बीरपुर की घटना को लेकर ही राज्यसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया है. लिहाजा पार्टी इस मुद्दे को पूरी तरह भुनाने की कोशिश करेगी.  इसी मुद्दे को उठाकर वे केंद्र और राज्य सरकार को निशाने पर ले सकती हैं. शब्बीरपुर से लोगों को मेरठ की रैली में लाने के लिए भी पार्टी ने खास इंतजाम किए हैं. मंडल इंचार्ज कुलदीप बालियान के मुताबिक शब्बीरपुर के पीडि़तों को आवाज देने के लिए उनकी नेता ने राज्यसभा से इस्तीफा दिया था और उसी आवाज को बुलंद करने के लिए वह मेरठ आ रही हैं. 




रैली की तैयारियां बड़े ही जोर-शोर से की गई है. बसपा के थिंकटैंक ने रैली को सफल बनाने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है और इसके लिए कई तरह की रणनीति बनाई गई है. बसपा प्रमुख ने पहले ही पार्टी नेताओं को निर्देश दिया है कि रैली में ज्यादा से ज्यादा पिछड़े वर्ग के लोगों की भागीदारी होनी चाहिए. वे इस रैली में किसानों का मुद्दा भी उठा सकती हैं.

 




 

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