उमा ,आडवाणी, जोशी के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश के आरोप तय

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सीबीआई की स्पेशल कोर्ट ने अयोध्या में बाबरी मस्जिद विवादित ढांचा गिराने के मामले में  केन्द्रीय मंत्री उमा भारती ,लाल कृष्ण आडवाणीऔर मुरली मनोहर जोशी समेत बीजेपी के 6 नेताओं पर आपराधिक साजिश रचने का आरोप तय कर दिए हैं.कोर्ट ने कहा कि इन सभी पर आपराधिक साजिश के आरोप तय करने के लिए काफी सबूत हैं. इससे पहले कोर्ट ने इस केस के 12 आरोपियों को 50-50 हजार के निजी मुचलके पर ज़मानत दे दी. इसके बाद उन्हें बरी करने के लिए अर्जी लगाई गई, जिसे कोर्ट ने खारिज कर दिया.




इस साल 19 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अयोध्या में विवादित ढांचा गिराने के मामले में आडवाणी समेत बीजेपी के 13 नेताओं पर आपराधिक साजिश का केस चलेगा.  

सीबीआई की स्पेशल कोर्ट में उमा भारती, लालकृष्ण आडवाणी, डॉ मुरली मनोहर जोशी, विनय कटियार और साध्वी ऋृतंभरा  समेत बीजेपी के कई नेता आज लखनऊ में स्पेशल कोर्ट में हाजिर हुए. स्पेशल कोर्ट ने 26 मई को मामले से जुड़े सभी आरोपियों को 30 मई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश‍ दिया था.




सुप्रीम कोर्ट ने इस साल 19 अप्रैल को बाबरी मस्जिद गिराए जाने के 1992 के मामले में सभी नेताओं के ख़िलाफ़ आपराधिक साज़िश के आरोपों को बरकरार रखने के आदेश दिए थे. अदालत ने इससे जुड़े सभा मामले रायबरेली से लखनऊ ट्रांसफर करने के आदेश भी दिए थे. कोर्ट ने स्पेशल कोर्ट को मामले की सुनवाई एक महीने में शुरु करने और दो साल के भीतर फ़ैसला सुनाने के निर्देश  भी दिए हैं. कोर्ट ने बाबरी मस्जिद को गिराए जाने की घटना को आपराधिक माना था जिससे देश के धर्मंनिरपेक्ष संविधान को नुकसान पहुंचा था.




6 दिसम्बर 1992 को बाबरी मस्जिद ढहाए जाने के बाद सीबीआई ने कोर्ट में कहा था कि बीजेपी के वरिष्ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी, यूपी के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह, मुरली मनोहर जोशी और उमा भारती समेत 13 नेताओं के खिलाफ आपराधिक मामला का केस चलना चाहिए. मई 2001 में विशेष अदालत ने इन सभी नेताओं के ख़िलाफ आपराधिक आरोप खारिज कर दिए थे. उस वक्त एनडीए की वाजपेयी सरकार में आडवाणी गृहमंत्री और मुरली मनोहर जोशी मानव संसाधन मंत्री थे. फिर तीन साल तक कुछ नहीं हुआ लेकिन 2004 में सीबीआई ने विशेष अदालत के फ़ैसले के ख़िलाफ़ इलाहबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच में अपील की थी. फिर 20 मई 2010 के हाईकोर्ट ने भी इन आरोपों को खारिज़ कर दिया था. हाईकोर्ट ने विशेष अदालत के फैसले को स्वीकारते हुए आईपीसी की धारा 120बी (आपराधिक साजिश) को हटा दिया था.

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