प्रदर्शन पर रोक के बाद भी कैसे दिव्या भारती की ‘KAKKOOS’ हो गई यूट्यूब पर हिट?

2706
kakkoos
Divya Bharathi

प्रतिभा ज्योति:

देश में एक तरफ स्वच्छता अभियान की बात करने वाले सम्मान के हक़दार बन रहे हैं दूसरी तरफ तमिलनाडु के मदुराई की दिव्या भारती को इसके लिए जेल की हवा खानी पड़ गई. यह सजा उन्हें मिली ‘Kakkoos‘ यानी टॉयलेट पर डॉक्यूमेंट्री बनाने के लिए जिसमें उन्होंने Manual scavenging (मैला धोने की प्रथा) के बदस्तूर जारी रहने और सफाईकर्मियों के जीवन की व्यथा दिखाई है.




दिव्या ने दो साल की कड़ी मेहनत करके यह Kakkus बनाई थी लेकिन तमिलनाडु सरकार ने उनकी फिल्म पर पाबंदी लगा दी.  उन्हें फिल्म का प्रदर्शन करने के लिए कई बार रोका गया. आखिर दिव्या ने यह फिल्म  यूट्यूब पर अपलोड कर दी.

MUST READ: TIME MAGAZINE के अगली पीढ़ी की नेता की TOP-10 में गुरमेहर कौर

फिल्म के अपलोड होने के कुछ ही दिन बाद पुलिस ने उन्हें एक नौ साल पुराने मामले में गिरफ्तार कर लिया. यह मामला था जब दिव्या लॉ फर्स्ट ईयर की छात्र थीं और एक छात्र की मृत्यु के बाद हुए आन्दोलन का हिस्सा बनी थीं.




उनकी फिल्म को अब तक यूट्यूब पर 5 लाख से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. दिव्या ने यह फिल्म बनाने का फैसला तब किया जब  अक्टूबर,2015 में मदुरई में दो मजदूरों की सेप्टिक टैंक में फैली जहरीली हवा के कारण दम घुटने से मौत हो गई. उन्होंने तभी तय किया कि वे इन मजदूरों के नारकीय जीवन और उनके काम की स्थिति को दुनिया के सामने लेकर आएंगी.




यह डॉक्यूमेंट्री बनाने से पहले दिव्या मदुराई में शादी के वीडियो बनाने और उन्हें एडिट करने का काम करती थीं. लेकिन जब यह फिल्म बनाने का फैसला किया तो हाथ में पैसे नहीं थे. उनके और उनके पति काला गोपाल के पास एक 9 हजार का कैमरा था. फिल्म बनाने के बाकी खर्चे के लिए उन्होंने अपने सोने की दो चेन बेच दी.

दो साल तक वे तमिलनाडु के25 अलग-अलग शहरों और इलाकों में घूमी. सफाईकर्मियों के परिवार वालों से मिली और उनकी दिनचर्या और उनके काम को क़रीब से देखा. वे कहती हैं कि उनकी जिंदगी पर फिल्म बनाने के लिए उनके जीवन को समझना जरुरी था.

MUST READ: महिलाओं के LEGS फैलाकर बैठने पर मुंह बनाने वालों के खिलाफ अब शुरु हुआ #Womanspreading कैंपेन

फिल्म के प्रदर्शन पर रोक लगने के बाद दिव्या देश भर में इस बात पर बहस छेड़ने में जुट गईं हैं. उन्हें जान से मारने. एसिड डालने और यहां तक की रेप करने की धमकियां भी मिल चुकी हैं लेकिन वे डटी हुई हैं. वे ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ अभियान का हिस्सा बनीं और विशेष अनुरोध पर वे सिनेमा यात्रा में शामिल हुईं.

उनकी फिल्म की दिल्ली में चार जगहों पर, उदयपुर और पटना में एक-एक स्थानों पर स्क्रीनिंग की गई. 4 दिसंबर को वे पटना में ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ पर आयोजित पटना फिल्म फेस्टिवल में जब बोल रही थीं तो उन्होंने एक बार फिर सबका ध्यान अपनी ओर खींचा.

दिव्या का कहना है कि उनकी फिल्म तमिलनाडु में मैला साफ करने वालों की दास्तान है जिसे दिखाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया लेकिन उन्होंने यह मुद्दा उठाने के लिए Visual Medium का इस्तेमाल हथियार की तरह किया है. उनका कहना है कि उनके राज्य में ऐसे 15 लाख लोग हैं लेकिन कागजों पर सिर्फ 300-400 सफाईकर्मी ही दिखाए जाते हैं.

देश में मैला धोने की प्रथा गैरकानूनी घोषित हो चुकी है. एक अनुमान के मुताबिक़ आठ लाख लोग इस काम से जुड़े हैं. हजारों  मजदूर मेनहोल में उतरकर गंदगी को अपने हाथ से साफ़ करते हैं. सफाई कर्मचारियों की यूनियनों की मानें तो 1300 से ज्यादा मजदूर गंदगी में उतरने के कारण अपनी जान गंवा चुके हैं. भारती ने अपनी फिल्म के जरिए 27 ऐसे मजदूरों की मौत का मामला उठाया है.

MUST READ: भारतीय आईटी कंपनियों में WOMEN ENGINEERS को मिलते हैं कम मौके

प्रतिरोध का सिनेमा अभियान राष्ट्रीय संयोजक-संजय जोशी कहते हैं दिव्या ने जो फिल्म बनाई है उसमें लोग तमिल भाषा में बोल रहे हैं. उसने हिम्मत करके अंग्रेजी में फिल्म बनाई है इसलिए तत्काल इस  फिल्म का हिंदी, बांग्ला, मराठी और कई भाषाओं में अनुवाद होना चाहिए. जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक इसे बीच में लेकर जाना चाहिए. क्योंकि यह कुप्रथा कई राज्यों में जारी है इसलिए इसे स्कूली पाठ्यक्रम का भी हिस्सा बनाया जाना चाहिए.

क्या है ‘प्रतिरोध का सिनेमा’ अभियान

प्रतिरोध का सिनेमा अभियान पिछले एक दशक से ज्यादा से दर्शकों के बीच अपनी छोटी-बड़ी सिनेमा यात्राएं कर रहा है. इसका उद्देश्य है जन सिनेमा को सही दर्शकों तक पहुंचाने का. इस अभियान के तहत पिछले कुछ साल में कई महत्वपूर्ण विषयों पर बनी फिल्मों का गांव, शहर और कस्बों तक पहुंचाया है.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें

Facebook Comments