ANNY कैसे बनीं B0EING 777 उड़ाने वाली दुनिया की YOUNGEST WOMEN COMMANDER

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Anny Divya
Anny Divya

कविता सिंह:

कुछ लोग ऐसे होते हैं जो अपनी उपलब्धि से दुनिया को हैरत में डाल देते हैं. उन्हीं में से एक हैं कैप्टन एनी दिव्या. एनी महज 30 साल की उम्र में दुनिया की सबसे कम उम्र की Women Commander  बनी हैं जो कि Boeing 777 उड़ा सकती हैं. कुछ समय के लिए Air India में नौकरी की. फिर 19 साल की उम्र में कमर्शियल पायलट ट्रेनिंग के लिए स्पेन गई और बोइंग 737 उड़ाने के लिए वापस आई. उन्हें अगली ट्रेनिंग के लिए फिर लंदन भेजा गया और 21 साल की उम्र में कंपनी का फ्लैगशिप बोइंग 777  उड़ाया.’




पंजाब के पठानकोट में जन्मीं कैप्टन एनी दिव्या का बचपन आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा में गुजरा है. दिलचस्प है कि जब उनका जन्म होने वाला था उनका परिवार पठानकोट के एयरबेस के नजदीक रहा करता था. बस उनकी मां की आंखों में यह सपना बस गया कि उनकी बेटी पायलट बन जाए. एनी में भी बचपन से ही पायलट बनने की इच्छा जाग गई. 12वीं तक की पढ़ाई करने के बाद उनका चयन इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी में हो गया. एनी के पिता एक आर्मी ऑफिसर थे जो कि अब रिटायर हो चुके हैं.




हाल ही में एक इंटरव्यू में दिव्या ने अपनी उपलब्धि के बारे में बातचीत करते हुए कहा, ‘मैं आज जो भी हूं उसके लिए अपने पेरेंट्स और टीचर्स की बहुत-बहुत शुक्रगुजार हूं. मेरे सफ़र में भी कई परेशानियां और मुसीबतें थीं जैसे कि आर्थिक तंगी, भाषा की समस्या लेकिन इन सब मुश्किलों से मैं इसलिए निकल पाई कि क्योंकि मुझे फैमिली और फ्रेंड्स का सहयोग मिला.




विजयवाड़ा के केंद्रीय विद्यालय से पढ़ीं एनी दिव्या कहती हैं कि जब मैंने पायलट बनने का सोचा तो यह समस्या थी कि पायलट कोर्स करने की फीस बहुत ज्यादा थी. मैं अपनी फैमिली की शुक्रगुजार हूं जिन्होंने मिडिल क्लास का होते हुए भी मेरे कोर्स में इतना पैसा लगाकर रिस्क लिया. उन्होंने मेरी पढ़ाई के लिए लोन भी लिया. मेरे Parents ने मेरे लक्ष्य पर भरोसा किया और मुझे उड़ने दिया. कई लोगों ने मुझे हतोत्साहित करने की कोशिश की क्योंकि विजयवाड़ा में कोई दूसरा पायलट का कोर्स नहीं कर रहा था.

एनी को पायलट बनाने के लिए उसके परिवार ने हर संभव कोशिश की, लेकिन अभी भी एक समस्या थी जो एनी के राह में बार-बार खड़ी हो जाती थी. उन्हें English बोलने में बेहद दिक्कतों का सामना करना पड़ा था क्योंकि विजयवाड़ा में इस भाषा को बोलने का Culture नहीं था. वे बताती हैं कि जब वे Flying Academy तो मुझे इस समस्या से बाहर निकलने का रास्ता दिखाई दिया. शुरुआत में मुझे उच्चारण में समस्या आती थी लेकिन समय के साथ वो ठीक हो गया.

वैसे इसमें दो राय नहीं कि एनी की उपलब्धि काबिलेतारीफ हैं लेकिन आंकड़ों पर गौर करने के बाद उनकी उपलब्धि का और महत्व बढ़ जाता है. दुनियाभर में 140,000 पायलट हैं जिनमें से केवल 6,500 महिला पायलट हैं और एनी उनमें से एक हैं. हम उम्मीद करते हैं कि एनी की ही तरह कई अन्य लड़कियां भी पायलट बन देश का नाम रोशन जरुर करेंगी.

 

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