बनारस में अब बेटियां भी उतरेंगी WRESTLING में, अखाड़े ने बदली परंपरा

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एक तरफ जहां देश बनारस हिन्दू यूनिवर्सिटी (BHU) में बेटियों के साथ हुए दुर्व्यवहार से क्षुब्ध हैं, वहीं इसी शहर के एक अखारे ने बेटियों को आगे लाने के लिए अपनी परंपरा को ही बदल दिया है. बनारस के तुलसीदास घाट पर स्थित स्वामीनाथ अखाड़े में अब लड़कियों को भी  Wrestling की ट्रेनिंग दी जाने लगी है.

यह अखाड़ा 478 साल पुराना है. इसका अपना समृद्ध इतिहास रहा है. स्वामीनाथ अखाड़ा अपनी कई खासियत के लिए हमेशा मशहूर रहा, अब बेटियों के लिए किए गए इस पहल ने इसकी विशिष्टता को और बढा दिया है .ऐसी मान्यता है कि इस अखाड़े की नींव तुलसीदास ने रखी थी. इस ऐतिहासिक अखाड़े में लड़कियों के लिए दंगल करना तो दूर की बात उन्हें देखने जाने पर भी पाबंदी थी लेकिन अपनी इस परंपरा को तोड़ते हुए स्वामीनाथ अखाड़े ने एक नई शुरुआत कर दी है .




अखाड़े के संचालकों का कहना है कि प्रधानमंत्री के बेटी बचाओ बेटी पढाओ मिशन से प्रेरित होकर ये कदम उठाया गया है. उनका मानना है कि गीता बबीता और साक्षी जैसी बेटियों ने साबित कर दिखाया है कि अगर मौका दिया जाए तो कुश्ती जैसे खेल में भी वो कितना आगे जा सकती है.

आयोजकों का मानना है कि कुश्ती में बेटियों की जीत से देश में एक पॉजिटिव माहौल बना है अब ये सहज लग रहा है कि यदि मानसिकता बदली जाए तो बेटियां कुश्ती जैसे खेल में भी देश का नाम रौशन करने का दमखम रखती हैं.




देश में लड़कियों के प्रति बदल रहे माहौल और खेल में लगातार बढ रही उनकी उपलब्धि को देखकर इस अखाड़े ने उन्हें आगे लाने का बीड़ा उठाया है. लड़कियों के लिए अब अखाड़े में न सिर्फ दंगल करने का प्रबंध किया गया है बल्कि उनके लिए प्रतियोगिताएं भी आयोजित की जाएंगी.

बेटियों को खेल में आगे बढाने का प्रचलन हरियाणा में तो जोर पकड़ चुका है लेकिन देश का बाकी हिस्सा इस मामले में अभी भी काफी पीछे है .ऐसे में बनारस में लड़कियों को दंगल करते हुए देखना अपने आप में एक ऩई सुबह का आगाज लग रहा है .