कब मिलेगा ममता को justice?

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justice for mamta
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प्रिया शांडिल्य:

ममता  जो पिछले कुछ दिनों से कोमा में है उसे अब भी justice का इंतजार है. एक तरफ उसके घरवाले उसके इलाज के लिए दर-दर भटक रहे हैं दूसरी तरफ आरोपी के अभी तक खुले में घूमने के कारण भी उन्हें मानसिक तकलीफ पहुंच रही है.




ममता (बदला हुआ नाम) के पिता अरविंद का कहना है कि पुलिस ने अभी तक उन्हें एफआईआर की कॉपी तक नहीं दी है. आरोपी अभी तक खुले में घूम रहा है और पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है. ममता की मां ने बताया कि हमने पुलिस को जब एफआईआर की कॉपी दिखने को कहा गया तो कहा गया कि कॉपी बाद में ले जाना. तब से थाने का चक्कर काट रहे हैं लेकिन एक सप्ताह गुजरने के बावजूद अब तक पुलिस ने इस मामले पर कोई संज्ञान नहीं लिया है. जबकि पुलिस ने सीसीटीवी रिकॉर्डिंग को देखा है जिसमें यह साफ दिख रहा है कि कोई व्यक्ति टॉर्च जलाकर उनकी बेटी को देख रहा है.




ममता के शरीर पर जिस तरह के चोट के निशान है उससे यही पता चलता है उसके सिर पर गहरी चोट लगी है.  मैक्स हॉस्पिटल में एक महीने तक  रहने के बावजूद उसके हालत में कोई सुधर नहीं आया. इसके बाद दिल्ली के एम्स ले जाया गया जहां डॉक्टरों ने हाथ खड़े कर लिए. अभी ममता का इलाज घर पर ही हो रहा है. उसके पिता नोएडा के सेक्टर 30 के जिला असप्ताल में बेटी को एडमिट कराने की कोशिश में लगे है.




ममता की मां का कहना है कि बिहार से हम लोग बच्चों के अच्छे भविष्य के लिए नोएडा आए थे. ममता पढाई लिखे में बहुत अच्छी है. नोएडा के नेहरु इंटरनेशनल स्कूल से 94फीसदी मार्क्स लेकर उसने 12वीं पास की है. वह इंजीनियर बनने का सपना देख रही थी लेकिन 19 मई की रात एक हादसे ने इस परिवार की सारी खुशियां छीन ली है. इसी रात बाथरुम जाते समय ममता गिरी हुई पाई गई और उसके बाद वह कोमा में है.