NIRBHAYA-तुम चले गए, पर यहां कुछ नहीं बदला, हमें अब भी रोज डर लगता है

2683
women protesting
women protesting

प्रतिभा ज्योति:

पूरे देश को हिला कर रख देने वाले Nirbhaya कांड को 5 साल पूरे हो गए हैं. इस जघन्य अपराध के बाद संसद से लेकर सड़क तर महिला सुरक्षा को लेकर खूब शोर हुआ और कई उपाय भी हुए. लेकिन तमाम दावों और उपायों के बाद महिलाओं को सुरक्षित माहौल नहीं मिला, अपराधियों के हौसले कम नहीं हुए और अब तो छोटी बच्चियों से भी रेप के मामले बढ़ने लगे हैं.




16 दिसंबर 2012 को Nirbhaya के साथ हुए गैंग रेप और उसके कुछ दिनों के बाद उसकी मौत हो जाने के बाद यह खूब सुना गया कि अब कड़ा कानून बना दिया गया है अब महिलाएं सुरक्षित महसूस कर सकेंगी, लेकिन न महिलाएं सुरक्षित हुईं और न अपराध रुके.




MUST READ: NCRB-REPORT 2016- दिल्ली में महिलाएं देश के 19 बड़े शहरों के मुकाबले सबसे ज्यादा असुरक्षित

हालत तो यह हो गए हैं दिल्ली में निर्भया कांड के बाद रेप के 10,830 और छेड़छाड़ के 20,991 के मामले सामने आए हैं.  हर साल महिलाओं के साथ रेप और छेड़छा़ड़ के मामले बढ़ ही रहे हैं और महिलाओं के मन से डर नहीं निकल रहा. खासकर दिल्ली में महिलाएं और लड़कियां महफूज महसूस नहीं करतीं. उन्हें पुलिस और कानून व्यवस्था पर उतना भरोसा नहीं है.




वे शाम में जब तक सुरक्षित घर नहीं पहुंच जाती हैं घरवालों के मन में एक आशंका बनी रहती है. सार्वजनिक स्थानों को छोड़ दीजिए अब तो घर, स्कूल, कॉलेज, ऑफिस या जहां-जहां सोच सकते हैं वहां तक महिलाएं सुरक्षित नहीं.

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने हाल में ही National Crime Record Bureau 2106 की Report जारी की  है. इस रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली में महिलाएं 19 बड़े शहरों के मुकाबले ज्यादा असुरक्षित हैं. दिल्ली में अपहरण, बलात्कार और हत्या के मामले बाकी मेट्रो शहरों की तुलना में सबसे अधिक है.

आंकडो़ं के मुताबिक रेप के सबसे ज्यादा मामले मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में दर्ज किए गए हैं. कुल घटनाओं में से 12.5 फीसदी मध्यप्रदेश में, 12.4 फीसदी उत्तर प्रदेश में दर्ज हुए हैं.

दिल्ली पुलिस की रिकॉर्ड कहता है कि दिल्ली में रोजाना क़रीब 48 महिलाएं किसी न किसी अपराध का शिकार हो रही हैं. हर छह घंटे में रेप की एक घटना होती है.  निर्भया कांड के बाद दिल्ली में 2013 में 1636, 2014 में 2166, 2015 में 2199, 2016 में 2155 और 2017 में नवंबर तक 1968 रेप के मामले दर्ज हुए हैं. यानी महिलाओं की सुरक्षा को लेकर तमाम घोषणाएं और उपाय कुछ खास असर नहीं दिखा रहे.

MUST READ: किरन बेदी ने कैसे बताया पुडुचेरी रात में भी है महिलाओं के लिए SAFE

दिल्ली के बाद लखनऊ, जयपुर, पटना और नागपुर ऐसे शहर हैं जिसमें महिलाएं बहुत असुरक्षित हैं. लखनऊ में जहां रेप के 102 मामले, वहीं जयपुर में 330, पटना में 354 और नागपुर में 171 मामले रिपोर्ट किए गए हैं. वहीं मुंबई की बात करें तो यहां भी महिलाओं के साथ होने वाले अपराध के करीब 12.3 फीसदी यानी 5,128 मामले दर्ज किए गए हैं.

समय आ गया है कि अपनी सुरक्षा के लिए अब केवल पुलिस के सहारे नहीं बैठना चाहिए. अपनी चौकसी और अपनी सुरक्षा का जिम्मा हम खुद भी उठाएं. सेल्फ डिफेंस के तरीके अपनाएं.