BREASTFEEDING कराने वाली मांओं में क्यों होता है ह्रदय रोग का RISK कम

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Risk
Breastfeeding reduces mothers’ risk of heart disease.

Breastfeeding यानी स्तनपान कराने का फायदा केवल शिशु को नहीं बल्कि ऐसा करने वाली मांओं को भी होता है. ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मांओं में ह्रदय संबंधी बीमारियों का Risk कम होता है. ऐसा एक स्टडी में कहा गया है.




इस स्टडी को American College of Cardiology (अमेरिकन कॉलेज ऑफ कार्डियोलॉजी) के 67 Annual Scientific Session में पेश किया गया. यह स्टडी 678 महिलाओं पर की गई.

1998 से 2004 तक विभिन्न महिलाओं का गर्भावस्था के दौरान मिशिगन के 53 क्लिनिकों से इलाज कराया गया. इसके बाद इन महिलाओं के स्वास्थय का 7-15 साल तक निरीक्षण किया गया. साथ ही उनसे पूछा गया कि उन्होंने कितने समय तक बच्चों को ब्रेस्टफीडिंग कराया है.




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शोधकर्ताओं का दावा है कि ब्रेस्टफीडिंग कराने से महिलाओं में गुड कॉलेस्ट्रॉल बढ़ता है और सर्कुलेटिंग फैट भी कम होता है. इसे कैरोटिड आर्टरीज की मोटाई भी कम होती है. यह गले और सिर पर ऑक्सीजन से युक्त खून को पहुंचाती है.




शोध के प्रमुख यूनिवर्सिटी ऑफ पिट्सबर्ग के डॉ मलामो कॉन्टोरियस कहते हैं कि ब्रेस्टफीडिंग मां के लिए फायदेमंद है. ब्रेस्टफीडिंग कराने से मांओं में ऑक्सीटॉसिन हार्मोन उत्सर्जित होता है जिससे इन महिलाओं का ब्लडप्रेशर भी कम होता है.

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जिन महिलाओं पर शोध किया गया उन महिलाओं के ब्लड प्रेशर कोलेस्ट्रॉल लेवल और सर्कुलेटिंग फैट लेवल को भी समय-समय पर मापा गया. साथ ही कैरोटिड आर्टिजग के व्यास और मोटाई पर भी नजर रखी गई.

वहीं एक दूसरे स्टडी में कहा गया है कि ऐसी महिलाएं जो सी-सेक्शन के बाद कम से कम दो महीने तक ब्रेस्टफीडिंग कराती हैं उनको सी-सेक्शन के बाद के दर्द को तीन प्रतिशत तक कम झेलना पड़ता है. 23 प्रतिशत महिलाएं जिन्होंने दो महीने से कम समय तक ब्रेस्टफीडिंग कराया उन्होंने सी-सेक्शन की जगह दर्द की शिकायत की.

(साभार-हिन्दुस्तान)

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