‘बागों में बहार है’ ऐसे में क्यों मत छोड़िए FLOWER SHOW देखने का मौका?

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Flower Show
Flower Show

डॉ कायनात क़ाज़ी

ट्रैवलर, फोटोग्राफर और ब्लॉगर

दुनिया में ऐसा कौन होगा जिसे Flower पसंद न हो? ऐसे में हमने Flower Show का जिक्र कर दिया है तो आपके चेहरे पर खुशियों भरी मुस्कुराहट तो जरुर आ गई होगी. फूल प्रकृति का एक ऐसा तोहफा है जो कि चुटकियों में आपका मूड फ्रेश कर देता है.




वैज्ञानिक शोध भी कहते हैं जिन्हें फूल मिलता है या फिर फूलों के सानिध्य में रहते हैं उनमे तनाव का स्तर लगातार घटता जाता है. वह ज़्यादा खुश और संतुष्ट रहते हैं. फूल हमारे इमोशनस के लिए हीलर का काम करते हैं.

स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू जर्सी में हुए एक शोध से यह जानकारियां मिली कि फूल हमारी भावनाओं को प्रकट करने के लिए सबसे सशक्त मध्यम हैं.




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यह हमारे सभी प्रकार के भावों को अपने अलग अलग रंगों से बड़े ही प्रभावी ढंग से व्यक्त करते हैं. बात चाहे खुशी की या उल्लास, भक्ति, प्रेम, समर्पण, शोक जैसे सभी अवसरों पर हम अलग अलग प्रकार के फूलों का प्रयोग करते हैं.




आपको जान कर हैरानी होगी कि हमारे देश में बॉटानिकल गार्डन की शुरुआत अंग्रेजों से बहुत पहले टीपू सुल्तान के पिता हैदर अली ने कर दी थी जिसे बाद में अंग्रेजों ने आगे बढ़ाया. आज भी भारत का सबसे बड़ा Flower Show बैंगलुरु में साल में दो बार किया जाता है.

Flower Show Bnaglore ,Pik Courtesy: eventshigh

भारत के अलावा पूरी दुनिया में अलग-अलग के फ्लॉवर शो आयोजित किये जाते हैं. सबसे पहले आधिकारिक फ्लॉवर शो  के निशान सन 1830 में विक्टोरियन इरा में पाए जाते हैं. कहा जाता है कि महारानी विक्टोरिया के समय में फ्लॉवर शो काफी फले फूले. उन्होंने बॉटनी के कई शोधार्थियों को संरक्षण दिया.

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जिसके सहारे उन्होंने देश-विदेश की यात्राएं की और दुनिया भर से दुर्लभ प्रजातियों के फूल महारानी के दरबार में लाकर उसकी शोभा बढ़ाई. इसका नतीजा यह हुआ की आज ब्रिटेन एक लाख पुष्प प्रजातियों का घर है. इन शोधार्थियों को एक समय में “फ्लॉवर हंटर” कहा जाता था.

डॉ कायनात क़ाज़ी
डॉ कायनात क़ाज़ी

फूलों के प्रति महिलाओं का प्रेम किसी से छुपा नहीं है. शायद इसी का नतीजा है कि यूरोप के जिन जिन देशों में महिलाओं ने राज किया वहां पर पुष्प व्यापार खूब बढ़ और उनकी सभ्यता का अभिन्न अंग बना.

अगर ऐसा नहीं होता तो नीदरलैंड का राष्ट्रीय पुष्प ट्यूलिप का स्रोत हिमालय नहीं होता. यह उन फ्लॉवर हंटर्स का ही कमाल है जिन्होंने ट्यूलिप को मध्य एशिया से निकाल कर यूरोप पहुंचाया. आज दुनिया का सबसे खूबसुरत ट्यूलिप गार्डन-क्यूकेनहोफ नीदरलैंड्स में स्थित है.

Keukenhof Tulip Gardens

भारत में सिक्किम एक ऐसा राज्य है जहां सबसे खूबसूरत फूल पाए जाते हैं. यहां 5000 फूलों की प्रजातियां और अनगिनत फौना और रोडेनडोरों की प्रजातियां पाई जाती हैं. सिक्किम में गंगटोक और नामची में फ्लॉवर शो मार्च में आयोजित किये जाते हैं. यहां खूबसूरत ऑर्चिड देखने को मिलते हैं.

Sikkim flower show

इसी तरह श्रीनगर में हर साल अप्रैल में ट्यूलिप फेस्टिवल मनाया जाता है. जिसका आयोजन जम्मू कश्मीर टूरिज्म बोर्ड करता है. फरवरी एक ऐसा माह होता है जब देश में बसंत ऋतु की बहार छाई होती है ऐसे में दिल्ली एनसीआर में जगह जगह फ्लॉवर शो के आयोजन किये जाते हैं.

दिल्ली टूरिज्म गार्डन ऑफ फाइव सेंसेज़ में फ्लॉवर शो ऑर्गनाइज़ करता है वहींं गुड़गांव, नॉएडा और ग्रेटर नॉएडा में भी फ्लावर शो आयोजित किये जाते हैं. चंडीगढ़ में भी फरवरी माह में बहुत बड़े स्तर पर फ्लॉवर शो का आयोजन किया जाता है.

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टैरेस फ्लावर गार्डन में हर साल फ्लॉवर शो होता है. म्यूजिकल फाउन्टेन के साथ लोक गीत संगीत सजे गार्डन में फूलों की हज़ारों प्रजातियां देखने को मिलती हैं.

जहां एक तरफ पूरे उत्तर भारत में बसंत में फ्लॉवर होते हैं वहीं मेघालय एक ऐसा राज्य है जहां ऑटम में फ्लॉवर शो का आयोजन किया जाता है. जो कि अक्टूबर नवम्बर माह में शिलॉन्ग में मनाया जाता है. यह फ्लॉवर शो शो हिमालय में पाई जाने वाली दुर्लभ प्रजातियों के फूलों की प्रदर्शनी के लिए मशहूर है.

तो जब भी मौका मिले फ्लावर शो देखने का मौका मत छोड़िए.

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