इस राज्य में अब तक नहीं चुनी गई एक भी FEMALE MLA

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नागालैंड राज्य बनने के 54 साल के इतिहास में यहां आज तक एक भी Female Member of Legislative Assembly (MLA) यानी विधायक नहीं चुनी गई हैं. लेकिन इस बार सबसे अधिक पांच महिलाएं चुनाव मैदान में है.




नागालैंड में आज विधानसभा चुनाव के लिए मतदान होना है. हालांकि इस बार भी चुनाव लड़ रहीं महिलाओं की संख्या अब भी कुल प्रत्याशियों का महज 2.6 प्रतिशत ही है.

नागालैंड में 1964 में पहली बार विधानसभा गठन से अब क 12 बार चुनाव हो गए हैं. इन चुनावों में केवल 14 महिलाओं ने भागीदारी की है. इससे पहले सबसे ज्यादा चार महिलाओं ने 2008 में चुनाव लड़ा था. वहीं 2013 में दो महिलाएं ही चुनाव मैदान में उतरीं थीं.




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चार महिलाएं पहली बार चुनाव मैदान में 

Pik courtesy: Daily hunt

इस बार पांच महिलाएं चुनाव लड़ रही हैं. जिनमें से राखिला तुएनसांग को छोड़कर बाकी चार पहली बार चुनाव मैदान में है. राखिला 2013 में भी चुनाव लड़ चुकी हैं और 800 वोटों से हार गई थीं. वे भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं.




राखिला पूर्व मंत्री और चार बार के विधायक लकीउमोंग की पत्नी है. लकीउमोंग का वर्ष 2006 में लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया था. राखिला को विश्वास है कि इस बार उनकी जीत तय है.

राखिला के अलावा नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक पीपुल्स पार्टी से अवान कोन्याक, नेशनल पीपुल्स पार्टी से डॉ के मंज्ञानपुला और वेदीऊ क्रोनु चुनाव मैदान में है. वहीं रेखा रोज दुक्रू निर्दलीय चुनाव लड़ रही हैं. वे रेखा रोज दुक्रू चिझामी विधानसभा सीट से मैदान में है

वेदीऊ क्रोनु प्रदेश में सबसे कम उम्र की उम्मीदवार हैं. उनका कहना है कि प्रदेश की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे है, इसलिए जरुरी है कि वे राजनीति में भी हों.

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डॉ के मंज्ञानपुला नागालैंड की नोकसेन विधानसभा सीट से चुनाव लड़ रही हैं. वे पेशे से डॉक्टर हैं और मानती हैं कि राजनीतिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए उन्होंने चुनाव लड़ने का फैसला किया है.

एनडीपीपी उम्मीदवार अवान कोन्याक के पिता एल कोन्याक राज्य में मंत्री रह चुके हैं. चार बार विधायक रहे उनके पिता का बीते महीने ही निधन हो गया. दिल्ली विश्वविद्यालय से एमए की पढ़ाई करने वाली अवाना कोन्याक को पूरा भरोसा है कि इस बार विधानसभा में कोई न कोई महिला जरुर पहुंचेगी.

वहीं 15 साल से सरकार चला रही नगा पीपल्स फ्रंट से एक भी महिला उम्मीदवार मैदान में नहीं है. कांग्रेस ने भी महिलाओं को टिकट नहीं दिया है. दोनों दलों का कहना है कि कोई भी योग्य महिला उम्मीदवार नहीं मिली.

(साभार-हिन्दुस्तान)

 

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