मनु ने उसे कैसा SURPRISE दिया था जो उसे रुला गया?

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अवंतिका:

सुनयना की आंखों में चिंता की लकीरें गहरी होती जा रही थी. जैसे-जैसे उसके मां बनने का वक्त करीब आ रहा था, खुशी से ज़्यादा चिंताओं का घेरा बढ़ने लगा था. आठवां महीना पूरा होने को था, शरीर में लगातार थकावट बनी रहती. अकेले रात को उठ कर जाने में उसे डर महसूस होता. यूं तो उसका पति मनु उसे बहुत प्यार करता था, उसने डिलीवरी के लिए भी सब इंतज़ाम कर दिए. शहर के बेहतरीन नर्सिंग होम में सब कुछ बुक था. ड़ाक्टर रेग्यूलर चेकअप कर रही थी और उसके हिसाब से सब नार्मल चल रहा था. वह हमेशा कहता तुम्हारे लिए Surprise है मेरे पास. वह सब बातें धैर्य से सुनती. उफ ….लेकिन मनु के ऑफिस के Project..से उसका दिमाग चकराने लगता.

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सुनयना ने तीन साल की दोस्ती के बाद मनु से शादी की थी. शादी सबकी दोनों पक्षों के पसंद से हुई. दोनों ने एक ही कॉलेज से इंजीनियंरिंग की थी. लखनऊ में मनु एक बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में काम मिला तो सुनयना को दूसरी अच्छी कंपनी में मौका. फिर दोस्ती आगे बढ़ कर शादी में बदल गई .. सुनयना के ग्रुप में ज़्यादातर लड़कियां फेमेनिज़्म को सपोर्ट करती थीं और वे बार बार उसे कहती कि मर्दों पर बिलकुल भरोसा नहीं करना चाहिए. उन्हें बीवी सिर्फ बिस्तर के लिए चाहिए होती है. लेकिन वह सहेलियों की बातों को इग्नोर करती. उसे लगता कि उसका मनु ऐसा नहीं है. अभी नई-नई शादी थी दोनों खूब प्यार में डूबे रहते. मनु उस पर पूरी तरह लट्टू था.

यही बात उसकी सास को पसंद नहीं थी. उन्हें लगता कि बहू की वजह उनका बेटा उनसे दूर हो गया है. इसी दौरान सुनयना प्रेंग्नेंट हो गई. घर में पहला बच्चा था. इस ख़बर से सभी खुश हुए सिवाय उसकी सास के.   सास को लगता कि अब तो बेटा और उनसे दूर हो जाएगा. प्रेग्नेंसी के बीच में ही मनु का कंपनी के किसी खास प्रोजेक्ट के लिए गुरुग्राम में ट्रांसफर हो गया. सुनयना ने उसके लिए अपना जॉब छोड़ दिया. दोनों गुरुग्राम आ गए. सुनयना की मम्मी ने कहा था वो चिंता नहीं करें वो डिलेवरी के समय आकर सब संभाल देंगी. लेकिन किस्मत को कुछ और मंजूर था. सातवें महीने के दौरान मम्मी की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई. सुनयना सदमे में आ गई थी. मां की मौत से उसे तोड़ दिया.

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इधर मनु को अपने नए प्रोजेक्ट से फुर्सत ही नहीं मिल पा रही थी. सुनयना भी मनु की तरक्की देखकर खुश थी पर वो चाहती थी कि मनु थोड़ी देर उसके पास भी आकर बैठे. डिलीवरी का वक्त जैसे-जैसे नज़दीक आ रही थी मनु की व्यस्तता बढ़ती जा रही थी.

मनु आजकल उसके लिये ना के बराबर था और अब सुनयना प्रेग्नेन्सी के साथ साथ घर भी खुद  ही संभाल रही थी. इस वक्त उसे लगने लगा कि उसकी फ्रेंड्स शायद सही कहती थीं कि मर्दों को बीवी की तकलीफ से कोई लेना-देना नहीं होता. आजकल मनु सप्ताह में सातों दिन ऑफिस जाने लगा था. सुबह जल्दी निकल जाता और देर रात को ही लौट पाता. कभी कभी तो  देर रात तक काम करता रहता. उसे समझ आ रहा था कि मनु को लिए वो प्रोजक्ट बहुत इंपोर्टेंट हैं लेकिन वो अपने हाल को देखकर भी परेशान थी और डर लगने लगा था कि डिलीवरी तो अस्पताल वाले करवा देंगें लेकिन उसके बाद वो अकेले बच्चे को कैसे मैनेज कर पाएगी? उसे अपनी मम्मी बहुत याद आ रही थी कि वो अगर होती तो सब कुछ मैनेज कर लेतीं ..सास ने साफ हाथ खड़े कर दिए थे कि वो मनु के पापा को छोड़कर उनके पास नहीं आ सकतीं.

उस रात चार बजे मनु सोया होगा कि सुनयना के लेबर पेन शुरु हो गया. थोड़ी देर वो बर्दाश्त करती रही कि मनु को आराम कर लेने दे, लेकिन जब दर्द बर्दाश्त से बाहर होने लगा तो उसने मनु को जगाया कि अस्पताल चलना पड़ेगा. मनु ने जागते ही उसका चेहरा देखा तो समझ गया कि तुरंत जाना पड़ेगा, उसने प्यार से सुनयना का हाथ लिया तो मानो उसका लेबरपेन अचानक कम हो गया. वो जल्दी ही अस्पताल पहुंच गए. क़रीब तीन घंटे बाद उन्हें एक प्यारा सा बेटा मिल गया . मनु उसके बेड के पास खड़ा हुआ था जब सुनयना ने आंखें खोलीं.

मनु के करीब होने के अहसास से उसकी तकलीफ कम हो गई थी. तीन दिन बाद अस्पताल से छुट्टी मिली तब तक मनु साये की तरह उसके साथ रहा. अस्पताल से निकलते वक्त सुनयना ने मनु का हाथ अपने हाथ में लेकर पूछा कि अब वो अकेले कैसे कर पाएगी ये सब?  घर पहुंच कर मनु ने उसे सरप्राइज दिया जब उसने बताया कि वो अब तीन महीने छुट्टी पर रह पाएगा उसके साथ पूरी तरह. इसी वजह से वो रात-दिन एक करके प्रोजेक्ट को पूरा करने में लगा था ताकि यह लंबी छुट्टी ले सके. मनु ने कहा कि तुमने मेरे प्रोजेक्ट के लिए अपना जॉब भी छोड़ दिया क्या मैं अपनी जिम्मेदारी भूल जाऊं? सुनयना ने उसके हाथों में अपना चेहरा छिपा लिया. उसके आंसुओं ने मनु के हाथों को भिगो दिया….

 

(यह एक सच्ची कहानी है. अनुरोध पर वास्तविक नाम बदल दिए गए हैं. यदि आपके पास भी है कोई कहानी तो हमें लिखिए- Womeniaworld@gmail.com. हम आपकी कहानी को प्रकाशित करेंगे.)

 

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