#MYFirstBlood-PICKLE को कैसे पता मेरा पीरियड चल रहा है और उसे छूआ तो ख़राब हो जाएगा

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Pickle
साक्षी, वाराणसी
साक्षी, वाराणसी
मेरी उम्र 22 साल है. मुझे अच्छी तरह याद है मेरा पहला पीरियड होली के दिन आया था. जब मैं घर साफ कर रही थी और मुझे मना कर दिया गया कि मैं पूजा स्थल के पास भी न जाऊं. मुझसे यह भी कहा गया कि जब तक मेरी माहवारी खत्म नहीं हो जाती मैं Pickle भी नहीं छू सकती, वरना वो खराब हो जाएगा.




उस समय मैं काफी छोटी थी और घरवालों के विचार को सोचकर अब बहुत हंसी आती है. मैं सोचने लगी कि यदि मेरे आस-पास के लोगों को नहीं बताऊं तो कि मेरा पीरियड चल रहा है तो उन्हें कैसे पता चलेगा? और फिर बेचारे अचार को कैसे पता चलेगा मैं उन्हें छूआ तो वो खराब हो जाएगा.




यही नहीं मुझसे पीरियड के दौरान सोमवार या शुक्रवार पड़ने पर बाल धोने से भी मना किया. बेशक अब मैं किसी भी दिन बाल धो लेती हूं लेकिन बचपन में यह सब बातें मुझे चकित कर देती थीं. हम चुपचाप घर वालों की बात मान लिया करते थे.
मुझे खुशी हो रही है कि मैं #MyFirstBlood अभियान का हिस्सा बनी हूं. अपना अनुभव आप सबके साथ शेयर करने का मौका मिला है. इस अभियान को शुरु करने के लिए मैं मुहीम, वुमनिया और लोक समिति को बहुत शुभकानाएं दे रही हूं.




अभियान के जरिए अपना अनुभव शेयर करने से मुझे महसूस हो रहा है कि हम अब भी अंधविश्वास के कारण उलूल-जूलूल परंपराओं को निभाते हैं. पीरियड में भला हम अलग कैसे हो जाते हैं. यह जरुर है कि इन दिनों हमें शारीरिक थकावट और दर्द महसूस होता है लेकिन इसका मतलब नहीं कि हम शारीरिक या किसी और गतिविधि में हिस्सा नहीं ले सकते.
इन दिनों लड़कियों को साफ-सफाई का पूरा ध्यान रखना चाहिए. वे रोज नहाएं और और साफ-सुथरे तरीके से रहें. पीरियड एक सामान्य प्रक्रिया है और इसे सामान्य तरीके से ही लेना चाहिए.

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