#MyFirstBlood- MUHEEM और WOMENIA का JOINT CAMPAIGN शुरू

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उत्तर प्रदेश की संस्था ‘मुहीम’ इसी मुद्दे पर लंबे समय से काम कर रही हैं. ‘मुहीम,’ ‘वुमनिया’ और उत्तर प्रदेश की एक दूसरी संस्था लोक समिति यानी तीन संस्थाएं साथ मिलकर#MyfirstBlood कैंपेन चलाएंगे.

इस कैंपेन का हिस्सा बनें और करें हमारे साथ शेयर अपने कड़े अनुभव. जब पहली बार पीरियड हुआ तो क्या सीख मिली? मां, चाची, बुआ और दादी ने क्यों कहा था-इसे मत छूना, उसे मत छूना. क्यों मां ने कपड़ा पकड़ा दिया था?

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आईए हम करते हैं मासिकधर्म के साथ जुड़े स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ऐसी बातचीत जिससे प्रचलित मिथ्यों और इससे जुड़े शर्म को दूर कर सकें. शहरों में बेशक अब महिलाओं को सैनटरी पैड के इस्तेमाल की सहूलियतें है, ग्रामीण इलाकों में अभी भी लड़िकयों और महिलाओं को अभी भी पुराने कपड़े या किसी दूसरे उपायों से ही काम चलाना पडता है. ये उपाय ऐसे होते हैं जिससे उनके स्वास्थय को गंभीर नुकसान पहुंचता है.

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सब को सैनटरी पैड मिल सके और इससे जुड़े ऐसे मिथ जो महिलाओं के स्वास्थय को नुकसान पहुंचाते हैं उस पर एक जोरदार आवाज बुलंद हो सके… यही है हमारे इस कैंपेन का मक़सद.

यह शर्म का विषय नहीं, खुल कर बोलने का है. चुप मत रहिए. आप हमें अपने अनुभव Womeniaworld@gmail.com और  muheem.esp@gmail.com पर भेज सकती हैं. साथ में अपनी तस्वीर अनिवार्य है. यदि आप अपना नाम और पहचान सार्वजनिक नहीं करना चाहते हैं तो भी कोई बात नहीं. आईए हमारे इस कैंपेंन का हिस्सा और साथ चलिए हमारे….

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