#MyFirstBlood- पीरियड पर मैंने SILENCE तोड़ दिया,आप कब तोड़ेंगे?

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पीरियड पर आधारित हमारे कैंपेन #MyFirstBlood की 12वीं कड़ी में आज पढ़िए  जौनपुर के गांव की रहने वाली अंजलि के अनुभव. अंजलि ने कहा है कि उसे पीरियड को लेकर जारी भ्रांतियों पर उसे Silence तोड़ना है क्योंकि यह उसके शरीर की बात है.

अंजलि:

मुझे यह जानकर खुशी हुई मुहीम और वुमनिया मिलकर #MyFirstBlood कैंपेन चला रहे हैं. मैं इस कैंपेन के साथ हूं और इसका पूरा समर्थन कर रही हूं.




पीरियड एक शरीर की प्रक्रिया है लेकिन अब भी हमारे समाज में यह कई भ्रांतियों से घिरी है. ये मत करो-वो मत करो, इसे मत छूओ, उसे मत छूओ. कोई कुछ ठीक से नहीं बताता बस हम पर यह सब भ्रांतियां थोप दी जाती हैं.




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हमें वैज्ञानिक तरीके से कुछ नहीं समझा गया क्योंकि हमारे परिवार में हमें इस पर समझाने वाला कोई नहीं है और इस पर बात करना भी ठीन नहीं माना जाता. हमें यह नहीं बताया जाता कि हमारे शरीर में यह बदलाव क्यों हो रहा है और इस दौरान हमें क्या एहतियात बरतना है?




मुझे पीरियड में यह पहली सीख मिली कि लड़कों से दूर रहना, लेकिन किसी ने यह नहीं समझाया कि क्यों दूर रहना? इस तर्क के पीछे कोई तो वैज्ञानिक कारण होगा. जो पहले नहीं समझ में आता था लेकिन अब विज्ञान पढ़ने से थोड़ा-थोड़ा समझ में आने लगा है. घर में इस पर ठीक से कुछ क्यों नहीं बताया जाता?

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हमें नहाने से मना किया जाता है, जबकि इस दौरान अधिक साफ-सफाई रखनी चाहिए. हमें इस भ्रांतियों पर चुप्पी तोड़नी है. क्योंकि यह मेरी बात है.

मैंने तो चुप्पी तोड़ दी आप कब तोड़ेंगे?