मैंने क्यों OPEN कर दिए हैं अपने घर के दरवाजे उन लड़कियों के लिए?

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मशहूर ट्रैवलर, फोटोग्राफर और ब्लॉगर डॉ कायनात क़ाज़ी ने अपने घर के दरवाजे उन लड़कियों के लिए Open कर दिया हैं जो छोटे शहरों की है और दिल्ली अपने सपने को पूरा करने आती है. बाहर से आने वाली लड़कियों के लिए दिल्ली में कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं होता. यदि कोई रिश्तेदार या परिचित ना हो या जेब में होटल का खर्च चुकाने के पैसे नहीं हो तो दिल्ली नौकरी की तलाश में आने वाली या किसी इंस्टीच्यूट में दाखिला लेने वाली या किसी और काम से आने वाली अकेली लड़कियों के लिए कई तरह की मुश्किलें खड़ी हो जाती है. इसी समस्या का हल निकालने के लिए कायनात ने यह पहल की है.




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उन्होंने ऐसा करने के पीछे एक ठोस कारण का जिक्र करते हुए अपने  फेसबुक पोस्ट पर लिखा है-  




बात कुछ 10 -15 साल पुरानी है. कभी एक पूरी रात नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर जाग कर गुज़ारी थी. मां साथ थीं. राजधानी दिल्ली में कोई अपना न था. छोटे शहर की लड़की और उसकी मां. पहाड़गंज के कुख्यात होटल में रात गुज़ारने की हिम्मत न थी और जेब में पांच सितारा होटल में चुकाने के पैसे न थे. इसलिए सबसे सुरक्षित भारतीय रेल का वेटिंग रूम ही था. अगली सुबह इंटरव्यू जो देने जाना था.




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आंखों में काटी उस रात की स्मृति आज भी ताज़ा है इसीलिए मैंने अपने घर और दिल के दरवाज़े हर उस लड़की के लिए Open कर दिया हैं जो छोटे शहर में रह कर बड़े बड़े सपने देखती है और उन्हें पूरा करने के लिए जद्दोजहद करती है. आप का तहे दिल से स्वागत है. मेरा बेडरूम छोड़ कर पूरा घर, गेस्ट रूम, मेरी स्टडी, ड्राइंग, डायनिंग व रसोई आपके लिए हाज़िर है. बस आने से पहले एक बार चेक कर लें कि मैं कहीं ट्रेवल तो नहीं कर रही हूं. आप मुझसे काउच सर्फिंग के माध्यम से भी जुड़ सकती हैं. 

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