खाखरा, चपाती, नमकीन और बच्चों के फूड पैकेट अब सस्ते, GST COUNCIL के 10 बदलाव जानिए

636
GST Council

GST लागू होने के बाद सरकार को लगातार आलोचनाओं का शिकार होना पड़ा. ऐसे में सरकार ने जनता को राहत पहुंचाने के लिए शुक्रवार को कई बड़े फैसले किए हैं. GST Council की दिन-भर चली बैठक के बाद वित्त मंत्री अरुण जेटली ने जीएसटी में कई तरह के छूटों की घोषणा की. आम लोगों के लिए खाखरा, चपाती, नमकीन, बच्चों के फूड पैकेट समेत 27 कैटगरी की चीजें सस्ती हो गई हैं. वहीं  दो लाख रुपए तक की ज्वैलरी खरीदने पर पैन जरुरी नहीं होगा.‬




: पढ़िए क्या-क्या हुए हैं बदलाव-

1. जेटली ने कहा कि ज्वैलरी कारोबार को मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट यानी पीएमएलए के दायरे से बाहर कर दिया गया है. जीएसटी में बदलाव के बाद अब 2 लाख रुपये तक की ज्वैलरी की खरीदारी पर पैन देना जरूरी नहीं होगा. पहले 50 हजार रुपये से ज्यादा की खरीदारी पर PAN देना अनिवार्य था.




2. अब हर 3 महीने में रिटर्न फाइल करने की व्यवस्था पर सहमति बन गई है. 1.5 करोड़ रुपये टर्नओवर पर हर 3 महीने में रिटर्न भरनी होगी. कंपोजिशन स्कीम की सीमा 75 लाख से बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये कर दी गई है.

MUST READ: नहीं मानी सरकार, SANITARY NAPKIN नहीं हुआ TAX FREE




 

3. निर्यातकों को 6 महीने के लिए राहत, 6 महीने बाद हर एक निर्यातक को ई-वॉलेट मिलेगा. ई-वॉलेट सिस्टम 1 अप्रैल 2018 से पूरी तरह लागू हो जाएगा. इस व्यवस्था को एक कंपनी विकसित करेगी.

4. जेटली ने कहा कि एक करोड़ से ज्यादा टर्नओवर और एसी चार्ज वाले रेस्टोरेंट जो 18 प्रतिशत जीएसटी के दायरे में आते हैं,  रेस्त्रां के टैक्स सिस्टम में बदलाव के बाद अब मालिकों को 5 प्रतिशत टैक्स देना होगा.

5. निर्यातकों को 10 अक्टूबर से टैक्स रिफंड किया जाएगा. वित्तमंत्री ने कहा कि निर्यात पर 0.1 प्रतिशत का जीएसटी लागू है.

6. आम के सूखे स्लाइस, खाखरा और आयुर्वेदिक दवाओं पर जीएसटी की दर 12 से 5 फीसदी की गई है. स्टेशनरी के कई सामान पर जीएसटी 28 से 18 प्रतिशत कर दी गई है. हाथ से बने धागों पर जीएसटी 18 से 12 प्रतिशत कर दी गई है.

7. प्लेन चपाती पर जीएसटी 12 से 5 प्रतिशत कर दी गई है. आईसीडीएस किड्स फूड पैकेट पर जीएसटी 18 से 5 प्रतिशत की गई है.

MUST READ: क्या आप भी DESIGNER साड़ियों की शौकीन है, तो आपका यह जानना जरुरी है?

 

8. अनब्रैंडेड नमकीन पर 5 प्रतिशत जीएसटी की दर लागू होगी. यही दर अनब्रैंडेड आयुर्वेदिक दवाओं पर भी लागू होगी.

9. डीजल इंजन के पार्ट्स पर अब 18 फीसदी जीएसटी लगेगी. साथ ही दरी (कारपेट) पर जीएसटी की दर को 12 से 5 प्रतिशत कर दिया गया है.

10. सबसे बड़ी राहत ये है कि अब एक ही फॉर्म से जीएसटी फाइल की जा सकेगी. साथ ही रिवर्स चार्ज मैकेनिज्म को मार्च 2018 तक स्थगित कर दिया गया है.

 

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें

Facebook Comments