कहां लड़कियों को पहले पीरियड पर तिल और गुड़ से बनी DISH खिलाते हैं?

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Dish

भारतीय समाज में पीरियड पर खुल कर बात नहीं की जाती. लड़कियों को इसे छुपाने के लिए कहा जाता है. कई तरह की पाबंदी लगा दी जाती है. ये मत छूओ, ये मत करो. लेकिन दूसरी तरफ पहली बार पीरियड होने पर देश के अलग-अलग राज्यों में अलग तरह की परंपराएं निभाई जाती हैं. कर्नाटक  में ‘First Period’ के दौरान लड़की को तिल और गुड़ से बनी Dish खिलाई जाती है.




हर लड़की को पीरियड से गुजरना पड़ता है. यह लड़कियों के जीवन में कई तरह के बदलाव ले कर आता है. इसके बाद लड़की जवानी की दहलीज पर कदम रखती है. माना जाता है कि वह अब मां बनने की क्षमता रखती है. लेकिन पीरियड की प्रक्रिया को हमारे समाज में बहुत सी गंदा एवं अपवित्र माना जाता है.

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इस दौरान महिलाओं पर कई प्रकार की सामाजिक रोक टोक रहती है. कई जगह उन्हें रसोई में जाने या पूजा करने की मनाही होती है. कई स्थानों पर महिलाओं को पीरियड के दौरान नीचे सोने के लिए कहा जाता है.




कर्नाटक में लड़कियों के पहली बार पीरियड होने पर इसे जश्न की तरह मनाया जाता है. घर और पड़ोस की औरतें उस इकट्ठा होती है और उसे नहलाया जाता है. जिस लड़की का पीरियड हुआ है उसके साथ परियों जैसा व्यवहार होता है. उसकी आरती उतारी जाती है. उसके बाद लड़की को तिल और गुड़ से बनी डिश खिलाई जाती जाती है.

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माना जाता है कि इसे खाने से पीरियड में खून का बहाव बिना किसी रुकावट के होगा. इस दौरान पूजा में चढ़ाए जाने वाले नारियल और पान के पत्ते घर आए मेहमानों को दिए जाते हैं.




कर्नाटक में इस परंपरा का सालों से निर्वाह किया जा रहा है. पहले लड़कियों की शादी छोटी उम्र में ही कर दी जाती थी. कहा जाता है कि लड़की के पहले पीरियड पर जश्न के जरिए यह बताने की कोशिश होती थी कि लड़की अब विवाह योग्य है.

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