किस न्यूज चैनल ने दिया अपने महिला कर्मचारियों को PERIOD LEAVE

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Mathrubhumi

मुंबई की डिजिटल कंपनी ‘Culture Machine’ की तर्ज पर केरल के एक जाने-माने मीडिया ग्रूप  Mathrubhumi ने भी न्यूज चैनल में काम करने वाली अपनी महिला कर्मचारियों को ‘Period Leave’ देने की घोषणा की है. ग्रूप ने यह फैसला 19 जुलाई को लिया है. मातृभूमि न्यूज चैनल में इस समय 320 लोग काम कर रहे हैं जिसमें 75 महिलाएं शामिल हैं. अभी यह फैसला केवल न्यूज चैनल में काम करने वाली महिलाओं पर अमल में आएगा लेकिन जल्दी ही प्रिंट और ऑनलाइन में काम करने वाली महिलाओं को भी यह सुविधा मिलने लगेगी.

मातृभूमि ग्रुप के जॉइंट मैनेजिंग डायरेक्ट एम.वी. श्रेयम कुमार ने एक विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपनी महिला कर्मचारियों को ये खुशखबरी दी. उन्होंने ने कहा कि काम के लंबे घंटे होने की वजह से होने वाले तनाव को ध्यान में रखते हुए कंपनी ने ये फैसला किया है. उनका कहना है कि यह कंपनी का खुद का फैसला है और किसी महिलाकर्मचारी ने ऐसा करने के लिए नहीं कहा.




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उन्होंने यह भी कहा कि महिला कर्मचारी इस बात के लिए आजाद हैं कि वे या तो पीरियड्स के पहले दिन छुट्टी लें या किसी और दिन. यह उन पर निर्भर करता है. इस तरह की छुट्टी को कैजुअल या मेडिकल लीव के तौर पर देखा जाएगा. उन्होंने कहा इसे  किसी खास ‘छूट’ की नहीं देखा जाना चाहिए बल्कि महिलाओं को समझने और पीरियड को लेकर समाज में जो टैबू है उसे हटाने की जरुरत है. उनका मानना है कि टीवी में महिला पत्रकारों को अलग-अलग शिफ्ट में काम करना पड़ता है और ऐसे में जैसे ही मुंबई की कंपनी के इस पहल के बारे में पता चला हमने भी मुंबई की कंपनी से प्रभावित होकर अपने महिला कर्मचारियों के लिए पीरियड लीव देने की घोषणा की है.  

‘Culture Machine’  ने भी अपने महिला कर्मचारियों को पीरियड्स के पहले दिन FOP (First Day of Period leave Policy) बनाकर पेड लीव देने की घोषणा की तो इसके बाद इस पर बहस छिड़ गई है. कल्चर कंपनी ने तो देश भर की कंपनी में इस तरह की छुट्टी दिए जाने का प्रावधान करने के लिए एक ऑनलाइन पेटिशन भी दाखिल किया है जिसे अभी तक हजारों लोगों का समर्थन मिला है. लेकिन दूसरी तरफ इसके विरोध में स्वर उठने लगे हैं. वरिष्ठ पत्रकार बरखा दत्त ने पीरियड लीव का विरोध किया. उन्होंने कहा कि पीरियड एक शारीरिक प्रक्रिया है इसे अलग करके नहीं देखा जाना चाहिए. बरखा दत्त का मानना है कि ऐसा करना ठीक नहीं होगा.