फरवरी के पहले सप्ताह में JHUNJHUNU से प्रधानमंत्री कर सकते हैं ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ योजना के विस्तार की घोषणा

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Jhunjhunu
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी

प्रतिभा ज्योति:

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फरवरी के पहले हफ्ते में राजस्थान के  Jhunjhunu  जिले से ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ योजना के विस्तार की घोषणा कर  सकते हैं. इस योजना को पूरे भारत में लांच किया जा सकता है. फिलहाल यह योजना देश के 150 से ज्यादा जिलों में चल रही है. जिला प्रशासन ने प्रधानमंत्री के दौरे की तैयारियां शुरू कर दी हैं.




शुक्रवार को तैयारियों का जायजा लेने के लिए भारत सरकार के महिला एवं बाल विकास विभाग के संयुक्त शासन सचिव मौसेस चलाई झुंझुनू पहुंचे.  उन्होंने जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक कर ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की समीक्षा की गई.




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उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री का संभावित दौरा हो सकता है. प्रधानमंत्री यहीं से ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना की तीसरी वर्षगांठ मनाएंगे. यहीं से बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान को पूरे भारत में लांच किया जाएगा.




मिली जानकारी के मुताबिक प्रधानमंत्री कार्यालय ने 11 में से तीन ऐसे श्रेष्ठ जिलों का चयन किया है जिसमें लड़कियों के जन्मदर की स्थिति में बहुत सुधार हुआ है. झूंझनू को सर्वश्रेषठ जिला चुना गया है.

यह योजना उन जिलों में शुरु की गई थी जहां लड़कों के मुक़ाबले लड़कियों की संख्या कम है. झूंझनू उन जिलों में शामिल था जहां लड़कियों की घटती संख्या सरकार की चिंता का कारण बन गई थी.

महिला बाल विकास विभाग के सहायक निदेशक विप्लव न्योला ने बताया कि 2011 की जनगणना के मुताबिक 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या महज 837 थी. लेकिन ‘बेटी बचाओ-बेटी पढाओ’ कार्यक्रम का प्रभाव और लोगों में आई जागरुकता का असर ही कह सकते हैं कि नवबंर 2017 तक स्थिति यहां बदल चुकी है. अभी 1000 लड़कों पर लड़कियों की संख्या 956 हो गई है.

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केंद्र सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनवरी 2015 में हरियाणा के पानीपत से की थी. देश के 100 जिलों में इस योजना की शुरुआत की गई थी. बाद में इसे कुछ और जिलों में बढ़ाया गया.

जनधन योजना, स्वच्छ भारत अभियान और मेक इन इंडिया के बाद बेटी बचाओ ‘बेटी पढ़ाओ बेटी पढ़ाओ’ मोदी सरकार का चौथा बड़ा अभियान है.

संभावना यह भी है कि झूंझनू से ही प्रधानमंत्री इस मौके पर राष्ट्रीय पोषण मिशन की भी शुरुआत कर सकते हैं. इस मिशन के तहत यह लक्ष्य रखा जाएगा कि पूरे भारत में 2022 तक कोई भी बच्चा कोई भी व्यक्ति कुपोषित नहीं रहे.

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