गर्मी की छुट्टी यादगार बनानी हो तो HIMACHAL PRADESH में इन जगहों की करें सैर

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कविता सिंह:

जब भी बात छुट्टियों में घूमने की होती है, तो Himachal Pradesh को कैसे नजरअंदाज कर सकते हैं. गर्मियों में ठंडक पाने के लिए बड़ी संख्या में पर्यटक कुल्लू, मनाली आते हैं तो उन्हें देखकर निश्चित भी आपका मन वहां जाने को करता होगा.

कुल्लू, मनाली में अधिक संख्या में पर्यटकों के जाने से यह जगह मशहूर हैं लेकिन आप हिमालय की वादियों में सुकून भरे पल गुजारना चाहते हैं तो हम आपको रूबरू कराएंगे इस क्षेत्र की कुछ खास जगहों के बारे में, जहां आपकी गर्मी की छुटि्टयां बनेंगी और भी यादगार.




हिडिम्बा मंदिर

यह मंदिर एक गुफा में बना हुआ है जो देवी हिडिम्बा को समर्पित है.यह मंदिर हिमालय के पर्वतों की तलहटी पर स्थित है जिसके आसपासहरियाली और जंगल हैं.

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मंदिर का निर्माण 1553 ई. में एक पत्थर में किया गया था. इस मंदिर में हर साल 14 मई को बड़े ही धूमधाम के साथ देवीजी का जन्मदिन मनाया जाता है. इस दौरान दूर-दूर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु यहां आते हैं और दर्शन का लाभ लेते हैं. आप चाहें तो यात्रा की शुरुआत देवी दर्शन से कर सकते हैं.




वशिष्ठ कुंड

यह गांव मनाली से 5 किमी की दूरी पर ब्यास नदी पर स्थित है. यह कुंड हॉट वाटर स्प्रिंग्स के लिए प्रसिद्ध है. यहां महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग-अलग स्नानघर बने हुए हैं. यह जगह अपने पत्थर मंदिर के लिए भी प्रसिद्ध है जो कि एक महान ऋषि वशिष्ठ को समर्पित है.

सोलांग घाटी

यह घाटी मनाली से लगभग 13 किमी दूर स्थित है. इस चोटी से पर्यटक हिमालय के ग्लेशियरों और बर्फ-पहने पहाड़ों के शानदार दृश्यों को देख सकते हैं. सोलांग घाटी को हिम पॉइंट के रूप में भी पर्यटकों के बीच जाना जाता है. यहां पर्यटक स्कीइंग, पैराशूट-फ्लाइंग और पैराग्लाइडिंग जैसेएडवेंचर स्पोर्ट्स का आनंद ले सकते हैं.




मलाना

यह मनाली से 80 किलोमीटर दूर पार्वती घाटी में छोटा सा हिमालयी गांव है. जामदग्नी और रेणुका देवी के मंदिर मलाना गांव में अपनी सुंदर लकड़ी और पत्थर के लिए प्रसिद्ध पर्यटन स्थल हैं. मलाना ट्रेकिंग के लिए एक रोमांचकारी जगह है.

खीरगंगा

यह जगह हिमाचल प्रदेश के कुल्लूजिले में है. कहा जाता है कि कभी यहां भगवान शिव की कृपा से खीर निकलती थी, लेकिन जब परशुराम जी ने देखा कि लोग इस खीर को खाने के लालच में बावले हुए जा रहे हैं तो उन्होंने श्राप दे दिया कि अब यहां से कोई खीर नहीं निकलेगी.

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बस, तभी से खीर निकलनी बंद. हालांकि आज भी दूध की मलाई जैसी चीज गरम खौलते पानी के साथ निरंतर निकलती रहती है. यहां आने वाले पर्यटक ट्रैकिंग का भी भरपूर मजा ले सकते हैं.

मणिकर्ण:

पार्वती नदी के करीब स्थित कसोल से पांच किलोमीटर दूर बसा है. यह जगह गुरूद्वारे के कारण मशहूर है. यहां स्थित गर्म पानी के प्राकर्तिक झरने के बारे में कहा जाता है कि यहां स्नान करने से बीमारियां ठीक हो जाती हैं.

तो इस बार छुट्टियों में हो जाए हिमाचल प्रदेश की सैर..

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