क्या है RAMAYANA CIRCUIT और इससे जुड़ने वाले जनकपुर के JANAKI TEMPLE की महत्ता?

1077
Ramayana Circuit

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने दो दिन के नेपाल दौरे के पहले दिन 20वीं सदी के प्रसिद्ध Janaki Temple पहुंचे और मां सीता के दर्शन किए. बाद में प्रधानमंत्री मोदी और नेपाल के प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली ने Ramayana Circuit (रामायण सर्किट) पूरा करने के लिए Janakpur-Ayodhya के बीच बस सर्विस को हरी झंडी दिखाई.

तब से लोगों में इस बात को जानने की जिज्ञासा बढ़ गई है कि क्या है Ramayana Circuit और क्या है Janaki Temple की महत्ता?




रामायण सर्किट के 10 महत्वपूर्ण स्थान

सरकार Ramayana Circuit के जरिए उन तमाम स्थलों का विकास कर रही हैं जहां भगवान राम के चरण पड़े. नेपाल के जनकपुर के बिना यह सर्किट अधूरा रह जाता. प्रधानमंत्री मोदी की यात्रा के बाद Janakpur इस सर्किट से जुड़ गया.

Ramayan Circuit (Pik Cour: Amar Ujala)

रामायण सर्किट के नेपाल से लेकर श्रीलंका तक फैला हुआ है. बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़,  ओडिशा, कर्नाटक, तेलंगाना और तमिलनाडु होते तक यह श्रीलंका तक पहुंचा है.




READ THIS: KEEP SILENCE…. और तब पूछो मैं कहां हूं?

1-जनकपुर- माता सीता का मायका यहीं है. मान्यता है कि यह मिथिला की राजधानी थी. वे मिथिला के राजा जनक की पुत्री थीं. उनका पालन-पोषण और श्रीराम के साथ विवाह यहीं हुआ. यहां सीता जी को किशोरी जी भी कहा जाता है.

Ramayana Circuit
Pik Cour: Pinterest

2-सीतामढ़ी-मान्यता के मुताबिक राजा जनक को सीता यहीं पर एक खेत में मिली थी.

3-बक्सर-विश्वामित्र का आश्रम यहीं था, राम ने ताड़का का वध यहीं किया.

4-अयोध्या- यह नगरी श्रीराम के जन्म के कारण पवित्र हो गई. राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न का जन्म राजा दशरथ के यहां हुआ.

Ramayana Circuit5-चित्रकूट-भरत से राम इसी वन में मिले थे. भरत ने उनके पिता के देहावसान की सूचना दी और उनसे अयोध्या का राज संभालने का निवेदन किया. राम ने इंकार कर दिया तो भरत उनकी चरण-पादुका लेकर चले गए और अयोध्या के सिंहासन पर रख दिया.

6-नासिक-रामायण में जिस पंचवटी का जिक्र है मान्यता है कि वो यहीं था. राम, सीता और लक्ष्मण ने अपने वनवास का काफी समय यहां बिताया.

Ramayana Circuit7-हंपी-कर्नाटक के हंपी की अंजेया पहाड़ी को हनुमान जी की जन्म स्थली मानी जाती है. किष्किंधा यहीं था. राम सीता को खोजते हुए यहां पहुंचे थे.




8-रामेश्वरम-तमिलनाडु के रामेश्वरम में राम ने श्रीलंका पर चढ़ाई करने से पहले यहीं समुद्र से रास्ता मांगा था.

Ramayana Circuit9-दुनुविला-श्रीलंका का वो स्थान जहां श्रीराम ने रावण को निशाना बनाकर बह्मास्त्र छोड़ा था.

SEE THIS: देने वाला कोई और है, नाम मेरा क्यों होए?

10-अशोक वाटिक-रावण ने माता सीता को यहीं बंदी बनाकर रखा था. स्थानीय लोग अब इसे अशोकवनम कहते हैं.

 

जानकी मंदिर की महत्ता

1-यह मंदिर 107 साल पुराना है. यह 20वीं सदी का प्रसिद्ध मंदिर है.

Ramayana Circuit
Pik Courtesy: Nepal Tourism

2-जानकी मंदिर का निर्माण मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ की रानी वृषभानु कुमारी ने 20वीं सदी की शुरुआत में कराया था.

3-इसकी तत्कालीन लागत नौ लाख रुपये थी. स्थानीय लोग इस कारण से ही इसे नौलखा मन्दिर भी कह दिया करते हैं.

4-मन्दिर की वास्तु हिन्दू राजपूत वास्तुकला है. यह नेपाल में सबसे महत्त्वपूर्ण राजपूत स्थापत्यशैली का उदाहरण है और जनकपुरधाम भी कहलाता है.

5-1657 में देवी सीता की स्वर्ण प्रतिमा यहां मिली थी. मान्यतानुसार यहीं सीता माता विवाह पूर्व रहा करती थीं. कहते हैं इस स्थान की खोज एक संन्यासी शुरकिशोरदास ने की थी जब उन्हें यहां सीता माता की प्रतिमा मिली थी.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें