#MYFirstBlood-न अचार सड़ा और न PLANTS खराब हुए जिसे मैंने पीरियड में छूआ था

1290
Plants
आकांक्षा सिन्हा

#MyFirstBlood कैंपेन की 9वीं कड़ी में आज पढ़िए वाराणसी के आकांक्षा सिन्हा के अनुभव. वे बीएचयू की स्टूडेंट रही हैं और अभी एक पब्लिकेशन हाऊस चला रही हैं. आकांक्षा ने अपनी सहेलियाें से सुना उस समय अचार नहीं छूना, Plants मत छूना वरना वे खराब हो जाएंगे. उन्होंने अचार भी छूआ और Plants भी. कुछ भी ख़राब नहीं हुआ. 




आकांक्षा सिन्हा:

मैं भाग्यशाली रही कि मेरी मां ऐसी दकियानूसी बातों को नहीं मानती थी. उन्होंने शुरुआत से ही बताया था कि पीरियड में छुआछूत जैसा कुछ नहीं. ये एक आम शारीरिक गतिविधि है जिसमें हमें ज़रा ज्यादा आराम की जरूरत होती है और साथ ही सही खान पान की.
सही बताऊं मुझे इससे जुड़ी निषेधो का पता तब तक नहीं चला जब तक मेरी सहेलियों ने अपने अनुभव और उनके घर पर की गए परहेज़ के बारे में नहीं बताया. एक दिन हम कुछ सहेलियां कैंपस में यूं ही गपशप कर रहें थे तो अचानक से इस टॉपिक पर बाते होने लगी कि स्त्रियों के लिए समय खास होता है लेकिन पीड़ा भी होती है.




MUST READ: #MYFirstBlood-PICKLE को कैसे पता मेरा पीरियड चल रहा है और उसे छूआ तो ख़राब हो जाएगा

मैंने कहा कि 7 दिन तो आराम फरमाने के होते हैं. इस पर एक सहेली ने कहा कि पीरियड हो जाए तो उसे घर में अकेले अलग स्थान पर सोना होता है.  तो किसी ने बताया कि इस दौरान पूजा करना तो दूर पूजा रूम में भी प्रवेश वर्जित है. किसी ने कहा कि आचार की बर्नी नहीं छूनी चाहिए वरना आचार सड़ जाता है.




एक ने तो ये तक बताया कि पौधों में पानी डालने से पौधा मर जाता हैं. पहले तो मुझे बहुत हैरानी हुई. मेरे मन में बहुत से सवाल उठ रहे थे. कौतूहल वस मैंने ये बातें मम्मी को बतायी, तो मम्मी हंसी. उन्होंने कहा, सब दकियानूसी बातें हैं. तुम ही बताओ कि पौधों के लिए सबसे जरुरी क्या हैं?

MUST READ: #MyFirstBlood- मैंने रोते हुए बताया तो मां ने पीरियड की बात सुनते ही अजीब REACTION दिया

मैने कहा धूप हवा मिट्टी और पानी. मम्मी ने कहा तो समझाओ अपनी सहेलियों को कि पानी के बिना 7 दिन में पौधें तो वैसे ही मर जाएंगे और आचार सिर्फ नमी के कारण सड़ते हैं, पीरियड में छूने से नहीं. इन सब बातों पर विश्वास मत किया करो ये सब बस मनगढ़ंत और बिना सिर-पैर की बातें हैं.

मां ने यह भी समझाया किसी भी हाल में भगवान की पूजा करो वे पूजने या याद करने से कभी भी गुस्सा नहीं होते. कुछ समय बाद मैंने इन सारे बातों को आजमाया जो मेरी सहेलियों के घरवालों ने उनसे कहा था.  न आचार सड़ा और न ही उस पौधें को कुछ हुआ जिसमें मैंने लगातार पानी डाला था.

महिलाओं से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करेंट्विटर पर फॉलो करे… Video देखने के लिए हमारे you tube channel को  subscribe करें