MAHESHWARI SAREES-ये खास मेहमान जानेंगी कि कैसे बनती हैं और क्यों मशहूर है ये?

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Maheshwari sarees
Hillary Clinton will see how Maheshwari sarees are manufactured

मध्य प्रदेश में नर्मदा के किनारे बसा खरगोन जिला का महेश्वर शहर पर्यटन के साथ-साथ साड़ियों के लिए भी लोकप्रिय है. यहां की साड़ियों की लोकप्रियता विश्वप्रसिद्ध है. Maheshwari Sarees की चर्चा ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन की पत्नी Hillary Clinton का भी ध्यान खींचा है जो मध्यप्रदेश सरकार की खास  State Guest हैं.

Maheshwari Sarees
Hillary Clinton




हिलेरी आज इंदौर आ रही हैं. वे महेश्वर जाएंगी और यह देखेंगी कि यहां किस तरह साड़ियों का निर्माण होता है और इसमें ऐसी खासियत है जिस वजह से यहां की साड़ियों की खूब बात होती है. हिलेरी नर्मदा नदीं में नौका विहार भी करेंगी और सोमवार को ऐतिहासिक स्थल मांडू भी जाएंगी.

Maheshwari Sareesमहेश्वर होल्कर वंश की रानी अहिल्याबाई की राजधानी रहा. इंदौर के बाद रानी अहिल्या ने महेश्वर को अपनी स्थाई राजधानी बना लिया था और बाकी जीवन उन्होंने महेश्वर में बिताया. महेश्वर की अर्थव्यवस्था में यहां की साड़ियों का महत्वपूर्ण स्थान है.




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साड़ी उद्योग यहां के रहवासियों की आजीविका का प्रमुख साधन है. इस हथकरघा उद्योग की शुरुआत का श्रेय रानी अहिल्याबाई को  जाता है जिन्होंने अपने कार्यकाल में देश के दूसरे हिस्सों के बुनकरों को महेश्वर बुलाकर इस उद्योग की नींव रखी.

अहिल्याबाई ने 1964 में इस उद्योग को नई पहचान दी. उन्होंने कर्नाटक गुजरात हैदराबाद और मालवा के कारीगरों को महेश्वर में इस तरह की सुविधाएं दी कि वे यहीं बस गए. महेश्वर की साड़ियों में मंदिरों की शिल्पकला, फूल पत्ती, पान आदि के डिज़ाइन बुने जाते हैं जो देखने में बेहद खूबसूरत लगने के अलावा देश की संस्कृति की झलक भी दिखाते हैं.




साड़ियों में महेश्वर की स्थापत्य कला जैसे मंदिर, घाट इत्यादि की झलक दिखाई देती है. इसलिए यहां की साड़ियाें की एक खास पहचान है. यहां की जो सबसे बेहतरीन और महंगी साड़ियां  हैं वे हस्तकरघा लूम से बनाई जाती है.

Maheshwari Sarees
Maheshwari Sarees Pik Courtesy: Gaatha

यह साड़ियां सूती और सिल्क से बनाई जाती है जिनमें शानदार डिजाइन, कारीगरी, चेक्स धारीदार व बेहतरीन बॉर्डर के साथ बनाई जाती है. यहां की साड़ियों की मुख्य विशिष्टता चौड़ी किनार वाली बॉर्डर मुख्य है जो कि एक से छह इंच तक की होती है और यह महिलाओं को खूब पसंद आती है.

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इन साड़ियों की लम्बाई 6.20 मीटर होती है जिनमें ब्लाउज पीस भी होता है. 500 से 3000 रुपये की रेंज में यह साड़ियां मिल जाती हैं. विभिन्न रंग और डिजाइन की एक साड़ी को बनाने में 3 से 15 दिन का समय लग जाता है.

Maheshwari Sareesमहेश्वर का  उल्लेख ‘रामायण’ और ‘महाभारत’ में भी है. इस शहर का नाम भगवान शिव के ही दूसरे नाम ‘महेश’ पर पड़ा है. यहां कई बेहतरीन शिव मंदिर देखने को मिलते हैं. महेश्वर का इतिहास लगभग 4500 साल पुराना है. रामायण काल में महेश्वर को ‘माहिष्मती’ के नाम से जाना जाता था. उस समय ‘महिष्मति’ राजा सहस्रार्जुन की राजधानी हुआ करता था, जिसने लंका नरेश रावण को हराया था.

महेश्वर में स्थित रानी अहिल्याबाई का ही किला सबसे आकर्षक पर्यटन स्थल है. नर्मदा के तट पर मराठा कालीन कला का गवाह यह किला कभी रानी अहिल्या का निवास स्थल हुआ करता था. किले में आज भी उनकी राज गद्दी मौजूद है जिस पर कभी रानी बैठा करती थीं.

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